गढ़वाल: इस गांव से 10 किलोमीटर दूर जाकर मिलता है मोबाइल नेटवर्क

पिनस्वाड़, उर्णी और बनाली गांव आज भी संचार सुविधा से महरूम हैं। नेटवर्क न मिलने से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे। इस बारे में लोगों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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Tehri Garhwal: There is no mobile network in Tehri Garhwal
Image: There is no mobile network in Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: कोरोना संक्रमण ने हमारी जिंदगी के साथ-साथ पढ़ाई के तौर तरीके भी बदल दिए। बच्चे इन दिनों ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन पहाड़ के जो क्षेत्र आज भी संचार सुविधा से महरूम हैं, वहां बच्चे पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। कई बच्चों के अभिभावकों ने उधार लेकर स्मार्ट फोन खरीदे, लेकिन संचार सेवाएं ठप होने की वजह से मोबाइल शोपीस बनकर रह गए हैं। टिहरी गढ़वाल के दूरस्थ गांवों में रहने वाले बच्चे भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। यहां पिनस्वाड़, उर्णी और बनाली गांव आज भी संचार सुविधा से महरूम हैं। गांव के ज्यादातर लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है। और जिनके पास मोबाइल है, उन्हें नेटवर्क की जद में आने के लिए दस किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ती है। पिनस्वाड़ ग्राम पंचायत आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। इसके बावजूद यहां आज तक किसी भी मोबाइल कंपनी का टावर नहीं लगा। आपात स्थिति में किसी से बात करने के लिए ग्रामीणों को 10 किलोमीटर पैदल चल कर दूसरे क्षेत्र में जाना पड़ता है।

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लोग 10 किलोमीटर पैदल चल कर अगुंड़ा या बूढ़ाकेदार जाते हैं, ताकि अपनों की आवाज सुन सकें। कोरोना काल में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन पिनस्वाड़, उर्णी और बनाली गांव के बच्चे पढ़ नहीं पा रहे। पढ़ाई बाधित होने की वजह से बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी परेशान हैं। समस्या का हल ना निकलते देख गुरुवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी बताई। ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द से जल्द समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी भी मोबाइल कंपनी का टावर नहीं लगा है। नेटवर्क क्षेत्र में जाने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता है। इन दिनों समस्या बढ़ गई है, क्योंकि बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं। नेटवर्क ना होने की वजह से गांव के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं कर पा रहे। ग्रामीणों ने डीएम से क्षेत्र में मोबाइल टावर लगवाने की मांग की। डीएम ने ग्रामीणों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।