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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: शहीदों की शहादत ये देश कभी नहीं भूलेगा। आज से 20 साल पहले साल 1999 में देश के जवानों ने कारगिल में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। कई जवान कारगिल पर जीत की खुशी में तिरंगा लहरा कर लौटे तो वहीं सैकड़ों जवान तिरंगे में लिपटे हुए आए। कारगिल युद्ध को 20 साल हो गए हैं, पर इन शहीदों के घर की रौनक जो एक बार गई तो फिर कभी लौटकर नहीं आई। इन्हीं शहीदों में से एक थे देहरादून के रहने वाले जवान सुरेंद्र सिंह नेगी। जिन्होंने महज 22 साल की उम्र में देश की रक्षा करते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी। सुरेंद्र की शहादत को हमेशा याद रखने के लिए उनके परिजनों ने बड़ोवाला में अपने घर के बगल में उनके नाम से मंदिर बनवाया। आज भी मां गोमती देवी सुबह भगवान की पूजा करने के साथ-साथ अपने शहीद बेटे की भी पूजा करती हैं। मां हर रोज अपने लाल को याद करती हैं।