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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के वीर जवानों ने देश की रक्षा की खातिर हर बार अपने प्राणों की आहुति दी है। ये इन जवानों का हौसला ही है कि हम घर में बैठकर आराम से चैन की सांस ले रहे हैं।
अब इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड का वीर सपूत Deepak Kumar Jethi सीमा पर शहीद हो गया है। सियाचीन में तैनात पिथौरागढ़ के जवान दीपक कुमार जेठी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। दीपक कुमार जेठी सियाचीन में तैनात थे और वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। आपको बता दें कि सियाचीन ग्लेशियर भारत की सबसे दुर्गम सीमा है। यहां आम आदमी का जी पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। आगे पढ़िए..
सियाचीन दुर्गम हालातों के बीच पिथौरागढ़ के लाल ने जान गंवाई है। दीपक कुमार जेठी पिथौरागढ़ के अस्कोट के ओझा मल्ला गांव के रहने वाले थे। वो 7 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे। 6 महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग सियाचीन में हुई थी। दीपक कुमार के घर में उनकी बूढ़ी मां, 5 साल का बेटा कांव्यांश और पत्नी रीना जेठी रहती हैं। दीपक के निधन की खबर सुनने के बाद उनके गांव में मातम पसरा हुआ है। Deepak Kumar Jethi की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है। यहां हंसेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।