हाईस्कूल की मेरिट में जगह पाकर मुस्कान ने मां के संघर्ष को सफल कर दिया। तीन साल पहले मुस्कान के पिता का निधन हो गया था। मां कपड़े सिलकर बेटियों की परवरिश कर रही है।
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Komal Negi
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Image: Uttarakhand board result topper Muskan Dalakoti
नैनीताल: हल्द्वानी की बेटी मुस्कान डालाकोटी ने उत्तराखंड बोर्ड की तरफ से आयोजित हाईस्कूल की परीक्षा में टॉप किया है। मुस्कान प्रदेश की मेरिट सूची में 22वीं रैंक हासिल करने में सफल रहीं। मुस्कान की इस सफलता के पीछे उनका और उनकी माता का सालों का संघर्ष छिपा है। लालडांठ की ये होनहार बेटी विपरित परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है। मुस्कान की कहानी पहाड़ की दूसरी बेटियों को कभी हार ना मानने की प्रेरणा देगी, उन्हें मजबूत बनाएगी। इसीलिए इस कहानी का कहा जाना और सुना जाना बेहद जरूरी है। मुस्कान और उनका परिवार लालढांठ क्षेत्र में रहता है। परिवार के पास अपना मकान नहीं है। इसलिए पिछले कई साल से ये परिवार किराये के कमरे में रह रहा है। आगे पढ़िए इस परिवार के संघर्ष की कहानी
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मुस्कान के पिता का तीन साल पहले निधन हो गया था। जिसके बाद बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी उनकी मां उषा डालाकोटी पर आ गई। उषा ने परिवार की गुजर-बसर और बेटियों की पढ़ाई के लिए बुटिक शुरू किया। बुधवार को मुस्कान ने हाईस्कूल की मेरिट में 22वां स्थान पाकर मां के संघर्ष को सफल कर दिया। उषा की बेटी मुस्कान ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93.8 प्रतिशत अंक हासिल कर मेरिट सूची में 22वीं रैंक हासिल की। उषा और उनका परिवार मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा का रहने वाला है। उनके पति विनोद डालाकोटी पंडिताई का काम करते थे। पूजा-पाठ से जो दक्षिणा मिलती थी, उसी से परिवार चलता था। तीन साल पहले उषा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पति का हार्ट अटैक से निधन हो गया।
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पति की मौत ने उषा को तोड़ दिया था, लेकिन बेटियों के भविष्य की खातिर उन्होंने खुद को किसी तरह संभाला। उषा बीए पास थीं, बुटीक का प्रशिक्षण भी लिया था। तब बेटियों की परवरिश के लिए उन्होंने किराये के कमरे में कपड़े सिलाई का काम शुरू कर दिया। घर का किराया, स्कूल फीस, राशन सभी इसी से चलता है। उषा डालाकोटी की बड़ी बेटी मुस्कान ने हाईस्कूल की परीक्षा में टॉप किया है, छोटी बेटी अभी 8 साल की है। मुस्कान की सफलता ने मां के संघर्ष को सफल कर दिया। पहाड़ की ये होनहार बेटी बड़ी होकर वैज्ञानिक बनना चाहती है। राज्य समीक्षा टीम मुस्कान जैसी बेटियों और इन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाली माताओं को सलाम करती है।