गढ़वाल में ये कैसा बाबा? पैसे के बल पर गुनाह छुपा देता है कथित भगतगुरु

ऐसा भगतगुरु जिसमे अपनी गांव की अपाहिज भतीजी की अपने चेलों से धमकी दिलवा दी, अपने बुजुर्ग भाई को कोर्ट के चक्कर लगाने को मजबूर कर दिया
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Pauri Garhwal News: Serious allegations on Baba in Pauri Garhwal
Image: Serious allegations on Baba in Pauri Garhwal

पौड़ी गढ़वाल: अगर पैसा पास में हो तो व्यक्ति अपने गुनाह छुपा देता है या पूरी कोसिस करता है छुपाने की बात एक कथित भगतगुरु की है जो कि पहाड़ के किसी गाँव का निवासी हुआ करता था जन्म के बाद से ही वो कही अन्यंत्र शहर में रहने लगा, वहाँ वो गुरु बनने आडंबर रचने लगा कई भोले भाले लोगो को उसने अपना चेला बना दिया और भगतगुरु बन गया , उसने शादी की पहली घरवाली को नशीली चीज खिलाकर मार डाला, दूसरी घरवाली को गुंडों से गोली मरवा दी उस पर केस चल गया पर पैसे के बल पर वो केस में तारीख पर तारीख लगवाता रहा है ,इसी बीच इस अय्याश भगतगुरु पर दो औरतों ने रेप का केस भी दर्ज कर दिया इसने वहाँ पर भी पैसे का दम दिखा कर खुद को क्लीन चिट दिलवा दी। कुछ समय बाद उसे लगा कि राजनीति में कदम रखा जाए तो उसे उचित जगह लगी अपने पैतृक गांव की तो उसने फ़ौरन अपने गांव में अपना आश्रम बनवाना स्टार्ट कर दिया और आश्रम बनाने के साथ साथ कुछ लोगो को भोजन बांटना शुरू कर दिया।ताकि उसका नाम व पहचान राजनीति लायक बन सके, लेकिन उससे एक गलती हो गई उसने आश्रम बनवाने में अपने भगतों को रखा जो अन्यत्र शहर के थे।

उसने जो काम पर रखे..वो अकड़ू घमंडी ओर गुंडे टाइप के थे। उसके गुंडों ने उसके गांव में आतंक मचाना शुरू कर दिया ।जिसमें उन्होंने गांव की एक अपाहिज लड़की को मारने धमका ने व उसकी बेटी को अपहरण करने की घमकी तक दे डाली। जब इसका विरोध लड़की के पिता ने करना चाहा तो उसको SCST एक्ट में फंसा दिया। इस विवाद में कानून ने भी भगत गुरु का ही साथ दिया भोले भाले गांव वासियों की किसी ने नही सुनी। आज ये भगतगुरु अपने गुनाह छुपाने के लिए अपने छेत्र की किसी स्कूल के शताब्दी समारोह को मनाने के लिए पैसा देकर अपने गुनाह छुपाना चाहता है, ताकि इसके बुरे कामों पर पर्दा पड़ सके। कुछ दिन पहले इसने क्षेत्र के कुछ समाजसेवकों को साथ में लेकर 1000 पेड़ लगाने का ड्रामा किया। सुनने में आया है कि ये अब प्रधानों से गावों में राशन बंटवाना चाह रहा है, ताकि इसके किये गए गुनाह छिप सके और इसकी राजनिति चल सके