उत्तराखंड में करोड़ों की ठगी करने वाली 4 सगी बहनें नेपाल से गिरफ्तार..5वीं की तलाश जारी

तकरीबन 10 करोड़ की किट्टी की ठगी में फरार चल रहीं चार सगी बहनें आखिरकार पुलिस के चंगुल में फंस गई हैं और जेल की हवा खा रही हैं। जानिए पूरा मामला
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Uttarakhand Kitty Party: 4 girls caught cheating in Uttarakhand arrested
Image: 4 girls caught cheating in Uttarakhand arrested

देहरादून: उत्तराखंड में जिन बहनों के खिलाफ करोड़ों के पैसों की ठगी का मुकदमा दर्ज था, आखिरकार वे चारों बहनें पुलिस की गिरफ्त में आ चुकी हैं। चारों बहनें करोड़ों की किट्टी की ठगी के मामले में फरार चल रही थीं। वे सभी नेपाल की मूल निवासी थीं और नेपाल में छिपकर रह रहीं थीं। पिछले एक साल से पुलिस इन ठग बहनों की तलाश कर रही थी। आखिरकार चारों को पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने ठगी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है और उनको जेल के पीछे भेज दिया है। इन चारों बहनों ने कमेटी के नाम पर कई महिलाओं से पैसे तो ऐंठ लिए मगर वापस करने के समय पर यह फरार हो गयीं। कमेटी में तकरीबन ढाई से तीन हजार महिलाओं का करोड़ों पैसा फंसा हुआ है। पटेल नगर कोतवाली के निरीक्षक प्रदीप बिष्ट ने बताया कि 15 जून 2019 को टीएचडीसी कॉलोनी देहराखास की विद्या भट्ट ने पुलिस में तहरीर दी थी। आगे पढ़िए

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विद्या भट्ट ने तहरीर में बताया की शिवकुंज लेन नंबर 5, केदारपुरम की निवासी मीनाक्षी, उसके पिता लाल बहादुर खत्री, उसकी मां सुनीता खत्री व उसकी चार बहनें मोना, माधुरी, मनीषा और मोनिका इंदिरापुरी निवासी फाइव स्टार के नाम से किट्टी संचालित करते थे। उन्होंने विद्या के 5 लाख रुपए भी किट्टी के नाम पर ठग लिए थे और अन्य हजारों महिलाओं से भी तकरीबन आठ से दस करोड़ की ठगी की गई थी। कोतवाल बिष्ट ने बताया कि मुख्य आरोपी मीनाक्षी खत्री किट्टी के पैसों का लेनदेन केदारपुरम समेत होटलों में होता था। उन्होंने ढाई से तीन हजार महिलाओं से 10 करोड़ तक ऐंठ लिए थे। नवंबर 2018 में किट्टी की अवधि पूरी हो जाने के बाद 2019 तक भी भुगतान नहीं किया गया। वहीं रुपए मांगने पर किट्टी संचालिका मीनाक्षी और उसकी चारों बहनें धमकी देती थीं।

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ठग परिवार के बेईमानी का शिकार हुई और इस जाल में फंसी पीड़िता विद्या भट्ट की तहरीर पर पुलिस ने उस समय पांचों बहनों और दंपत्ति के खिलाफ चिटफंड अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया था। पांचों बहनें और उनके पिता फरार चल रही थे जबकि पुलिस ने मुकदमे में सुनीता खत्री को गिरफ्तार कर लिया था। खोजबीन में सामने आया कि महिलाएं मूल रूप से नेपाल की रहने वाली हैं और वे नेपाल में ही छिपी हुई थीं। बीते 1 साल से उनकी कोई भी खोज खबर नहीं मिल पा रही थी। वहीं बीते बुधवार को पुलिस को सूचना मिली की उनमें से चार आरोपी बहनें उनके घर के आसपास देखी गई हैं। जिसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत ही एसआई मनोज के नेतृत्व में चारों बहनों को धर दबोचा और चारों बहनों को गिरफ्तार कर लिया। मगर किट्टी की संचालिका मीनाक्षी और उसके पिता अब भी फरार बताए जा रहे हैं। मीनाक्षी और लालबहादुर खत्री की तलाश अब भी जारी है।