गढ़वाल: गंगी गांव में बादल फटने से भारी तबाही, गोशालाएं ध्वस्त..20 से ज्यादा मवेशी दफन

गंगी गांव में संचार सेवाएं होतीं तो आपदा की सूचना समय रहते प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती थी। समय पर राहत मिलती तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता था, लेकिन ऐसा हो ना सका।
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Tehri Garhwal News: Cloud burst in Gangi village of Tehri Garhwal
Image: Cloud burst in Gangi village of Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: बारिश के रूप में बरस रही आफत से पहाड़ पर बड़ी बुरी बीत रही है। पहले बादल फटने से कुमाऊं के सीमावर्ती क्षेत्रों में तबाही मची और अब गढ़वाल में जगह-जगह बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं। ताजा मामला नई टिहरी क्षेत्र का है। जहां घनसाली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गंगी गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। यहां बादल फटने से दो गोशालाएं जमींदोज हो गईं। जिसमें 20 से ज्यादा मवेशी मलबे में दफन हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। गंगी गांव भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांवों मे से एक है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे इस गांव में आज भी संचार की सुविधा नहीं है। बीती रात करीब 12 बजे गंगी गांव में जमकर बारिश हुई। इस दौरान बारिश की शक्ल में आया सैलाब दो गोशालाओं को तबाह करते हुए आगे बढ़ चला। गोशाला मालिक ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। सैलाब के गुजर जाने के बाद हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा था। गांववाले प्रशासन को सूचना देना चाहते थे, लेकिन संचार सुविधा ना होने की वजह से बेबस थे। बाद में ग्रामीणों ने पहाड़ की ऊपरी चोटी पर जाकर जिला प्रशासन को फोन कर घटना की जानकारी दी।

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साथ ही पटवारी को भी फोन किया। पटवारी का कहना है कि इलाके में तेज बारिश होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन विभाग को घटना के बारे में अब तक जानकारी नहीं मिल सकी है। गांव में अब भी लगातार बारिश हो रही है, जिससे लोगों में दहशत है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर गंगी गांव में संचार सेवाएं होतीं तो आपदा की सूचना समय रहते प्रशासन तक पहुंचाई जा सकती थी। समय पर राहत मिलती तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता था, लेकिन ऐसा हो ना सका। ग्रामीणों के देखते ही देखते दो गोशालाएं मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। 20 से ज्यादा पशु मलबे में दफन हो गए। लगातार जारी बारिश की वजह से गंगी गांव में सड़कें बंद हो गई हैं। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है।