हमारी आपसे अपील है कि इस पोस्ट को शेयर कीजिए, ताकि एक नौजवान के सपनों पर कुठाराघात करने वालों को सजा मिले।
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Komal Negi
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Image: Anarchy in Bageshwar broke a young man street
बागेश्वर: सबसे पहले हमारी आपसे अपील है कि इस पोस्ट को शेयर कीजिए, ताकि एक नौजवान के सपनों पर कुल्हाड़ी चलाने वालों को सजा मिले। कोरोना काल के इस मुश्किल दौर में हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं। लॉकडाउन की वजह से बाहरी राज्यों में रोजगार पर लगे बहुत से युवा नौकरी छूटने से बेरोजगार हो गए। लॉकडाउन के बाद जो युवा पहाड़ लौट आए, उनमें से कई अब यहीं रहकर कुछ करना चाहते हैं, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि पहाड़ के कुछ असामाजिक तत्व बेरोजगार युवाओं के सपनों के दुश्मन बन गए हैं। ये लोग किसी गरीब को रोटी कमाते नहीं देख सकते। बागेश्वर वाली घटना आपको याद ही होगी। यहां सुनील नाम के बेरोजगार युवा ने कर्ज लेकर रेहड़ी खरीदी थी। जिस पर वो एक छोटी सी दुकान संचालित कर रहा था, लेकिन शनिवार की रात कुछ बदमाशों ने सुनील की रेहड़ी को कुल्हाड़ी से काटकर गधेरे में फेंक दिया। आगे भी पढ़ लीजिए
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युवक की रेहड़ी तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर रेहड़ी तोड़ने वालों की चौतरफा निंदा हो रही है। लोग आरोपियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक जा पहुंचा है। सीएम के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने भी अपने सोशल मीडिया पेज पर इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि गरीब की रोटी छीनने वाले लोग मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। ऐसे लोग सजा के हकदार हैं। जिला प्रशासन इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। पीड़ित सुनील बागेश्वर जिले के सिमीनरगोल गांव का रहने वाला है। वो लुधियाना में जॉब करता था। लॉकडाउन लगा तो दूसरे प्रवासियों की तरह सुनील भी घर लौट आया। उसके पिता और भाई भी बेरोजगार हो गए थे। जिस वजह से सुनील की जिम्मेदारियां बढ़ गईं। 4 महीने बेरोजगार रहने के बाद सुनील ने गांव में ही स्वरोजगार करने की ठानी।
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उसने कर्ज लेकर एक रेहड़ी खरीदी और गांव में ही रेहड़ी लगाकर सामान बेचने लगा, लेकिन क्षेत्र के कुछ बदमाशों को गरीब सुनील का अपने पैरों पर खड़े होना रास नहीं आया। शनिवार की रात कुछ बदमाशों ने सुनील की रेहड़ी के सामान को बर्बाद कर दिया। रेहड़ी को कुल्हाड़ी से काटकर 200 मीटर गहरी खाई में फेंक दिया। सुनील के सारे सपने बिखर गए। रोजी-रोटी छिन गई। जो रेहड़ी कर्ज चुकाने का साधन थी, वो भी नहीं रही। असामाजिक तत्वों की ये क्रूर हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसके बाद दोषियों को सजा देने की मांग उठने लगी है। भवाली व्यापार मंडल ने भी घटना की निंदा की। सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर का बागेश्वर के डीएम ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पीड़ित सुनील को मुलाकात के लिए बुलाया है। राज्य समीक्षा पीड़ित सुनील के लिए इंसाफ की मांग करता है। आप भी इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।