जय हिंद: उत्तराखंड के लिए दुखद खबर..नहीं रहे देश के लिए 3 युद्ध लड़ने वाले प्रताप सिंह

भारतीय सेना और कुमाऊं रेजिमेंट के पूर्व सैनिक प्रताप सिंह माहरा का बीते मंगलवार को बागेश्वर जिले के धरमघर क्षेत्र में निधन हो गया है। उनकी उम्र 78 वर्ष थी-
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Bageshwar News: Uttarakhand Pratap Singh dies
Image: Uttarakhand Pratap Singh dies

बागेश्वर: देवभूमि उत्तराखंड...... वह भूमि जहां पर भारतीय सेना को लेकर हद से ज्यादा जुनून है। धन्य है यह भूमि कि इस मिट्टी पर सैकड़ों लोग जन्म लेते हैं जिनकी रगों में सेना के प्रति असीम प्रेम दौड़ता है। राज्य के कितने ही जाबांज ऐसे हैं जो वर्तमान में बॉर्डर पर देश की रक्षा कर रहे हैं। कई जवान वे भी हैं जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए कई युद्ध लड़े और देश की रक्षा की। ऐसे ही एक जांबाज थे पूर्व सैनिक प्रताप सिंह, जिनका आज बागेश्वर जिले के धरमघर क्षेत्र में निधन हो गया है। उनकी उम्र 78 वर्ष थी। उनके देहांत के बाद से ही आसपास के क्षेत्र में शोक पसर गया। अपनी जवानी के दिनों में उन्होंने तीन बड़े युद्धों में हिस्सा लिया था। बीते मंगलवार को उनका स्वर्गवास हुआ और गोमती संगम पर उनको अंतिम विदाई दी गई।

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दुगनाकुरी तहसील निवासी पूर्व सैनिक प्रताप सिंह माहरा ने बहुत ही कम उम्र में आर्मी ज्वाइन कर ली थी। वे 14 जनवरी 1962 को कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हुए थे, तब उनकी उम्र महज 20 साल की थी। उनके प्रशिक्षण के दौरान ही भारत-चीन के बीच में घमासान युद्ध छिड़ गया था, जिसके बाद बेसिक कोर्स पूरा कर चुके जवानों को बॉर्डर पर भेज दिया गया। उनमें से वीर प्रताप सिंह मेहरा भी शामिल थे। उनको अरुणाचल प्रदेश के चीन बॉर्डर पर युद्ध के लिए भेज दिया गया था। उन्होंने बहुत ही बहादुरी से युद्ध लड़ा। वही दूसरा युद्ध उन्होंने वर्ष 1965 में पाकिस्तान सेना के साथ लड़ा और 1971 में बांग्लादेश के साथ युद्ध के दौरान भी वह देश की सुरक्षा के लिए खड़े थे। इसी वर्ष उन्होंने पारिवारिक कारणों के कारण सेवानिवृत्ति ले ली थी। उनके परिवार में उनके दो बेटे हैं और भरा-पूरा परिवार है। बीते मंगलवार को उनका देहांत हुए और गोमती संगम पर परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया।