नैनीताल जिले के हल्द्वानी में पिछले 8 सालों से युवाओं को स्टार्टअप खोलने के लिए मशीनें उपलब्ध करा रहा है बिष्ट उद्योग। मशीनें इको फ्रेंडली हैं और इनकी कीमत मात्र 15 हजार रुपए से शुरू है।
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Komal Negi
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Haldwani Bisht Industries Uttarakhand
हल्द्वानी: कोरोना काल में कुछ अच्छा हुआ हो या ना हुआ हो मगर उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में वहां की चहल-पहल वापस लौट आई है। वे लोग जो पलायन का शिकार हो गए थे और रोजगार की तलाश में शहर में गए थे, रोजगार छिन जाने के बाद वापस अपने गांवों की ओर लौट चले हैं। मगर अब उनके सामने रोजगार की बड़ी समस्या खड़ी हो रखी है। ऐसे में पहाड़ों पर स्वरोजगार लाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं को धरातल में लाने की कोशिश जारी है। स्वरोजगार इस समय बेहद जरूरी है और यही एकमात्र सहारा है कि पहाड़ों पर से पलायन रुके और पहाड़ों की रौनक वापस आए। सरकार के अलावा ही कुछ ऐसी संस्थाएं भी हैं जो स्वरोजगार के लिए युवाओं को प्रेरित कर रही हैं। इसे दिशा में आज हम हल्द्वानी की एक ऐसी कंपनी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो पिछले 8 सालों से युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं और स्टार्टअप खोलने में उनकी मदद कर रही हैं। हम बात कर रहे हैं बिष्ट कैंडल एंड लाइट ट्रेडिंग कंपनी जो कि नैनीताल जिले के हल्द्वानी में पिछले 8 सालों से युवाओं को रोजगार देने के अलावा कुछ ऐसी मशीनें उन्हें उपलब्ध करवा रही हैं जो पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती और इससे युवा स्वरोजगार प्राप्त कर खुद का स्टार्टअप खोल सकते हैं।
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हल्द्वानी के कमलुवागांजा स्थित बिष्ट कैंडल एंड लाइट फिटिंग कंपनी को वहां के लोग "बिष्ट उद्योग" के नाम से जानते हैं। 15,000 रुपए की शुरुआत से यह कंपनी युवाओं को उनके अपने स्टार्टअप के लिए मशीनें उपलब्ध कराती है। बता दें कि यहां पर पेपर बैग मशीन, पेपर कप मशीन, पेपर दोना मशीन, अगरबत्ती मेकिंग मशीन, धूप बत्ती मेकिंग मशीन, कपूर मेकिंग मशीन, वूलन बैग मेकिंग मशीन, साबुन-सर्फ मेकिंग मशीन, चप्पल मेकिंग मशीन, कील मेकिंग मशीन, मसाला मेकिंग मशीन, गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन, नोटबुक मेकिंग मशीन, चाऊमीन मेकिंग मशीन और रुईबत्ती मशीन उपलब्ध है। यह सभी मशीनें कंपनी द्वारा बनाई जाती हैं। सभी मशीनों की कीमत मात्र 15,000 रुपए से शुरू है। किसी भी युवा को अगर अपना स्वरोजगार शुरू करना है तो वह कंपनी से मशीन ले सकता है। इसके अलावा कंपनी की ओर से मशीन में लगने वाला कच्चा माल भी उपलब्ध कराया जाता है। सबसे अनोखी बात यह है कि इन मशीनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। अर्थात इन मशीनों से बाकी मशीनों की तरह पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा जो कि सराहनीय पहल है।
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कंपनी के मालिक रमेश सिंह बिष्ट का कहना है कि कंपनी में इन मशीनों की शुरुआत 15,000 रुपए से शुरू होती है। और अगर कोई भी युवा स्टार्टअप खोलने के लिए इन मशीनों को लेकर जाता है तो यह पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी कि वह उन्हें मशीन के संचालन की पूरी जानकारी दें। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के कई लोग इस कंपनी से सेवा ले रहे हैं। यहां तक कि यह कंपनी घरों में जाकर भी लोगों को सेवा दे रही है। उनका मकसद है कि पहाड़ों पर से पलायन खत्म हो और युवा स्वरोजगार की तरफ प्रेरित हों। पलायन को रोकने के लिए ही बिष्ट उद्योग की स्थापना की गई। इसके अलावा यह मशीनें पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। रमेश सिंह बिष्ट का कहना है कि वह पर्यावरण को शुद्ध रखने पर अधिक जोर देते हैं और पेपर का दोबारा इस्तेमाल कैसे किया जाता है यह भी वह अपने ग्राहकों को सिखाते हैं। अगर आप भी पहाड़ों पर स्टार्टअप खोलने के इच्छुक हैं तो आप भी बिष्ट उद्योग कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए http://www.bishtudhyog.com/ वेबसाइट पर विजिट करें और स्वरोजगार हेतु किसी भी जानकारी के लिए 9639565309 9720412107 और 9917995494 पर संपर्क करें।