केदारनाथ धाम में बरसात के कारण संवेदनशील परिस्थितियां उत्पन्न हो रखी हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा सोनप्रयाग में यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया गया है। पढ़िए केदारनाथ में मौसम का ताजा हाल
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Komal Negi
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Image: Landslides at many places on Kedarnath road
रुद्रप्रयाग: समस्त भारत इस समय बारिश की मार झेल रहा है, मगर उत्तराखंड राज्य में लोगों को बरसात की वजह से सबसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान, हर तरफ त्राहि-त्राहि मच रखी है। आपदा की दृष्टि से देखा जाए तो पहाड़ से अधिक संवेदनशील कुछ भी नहीं है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के कारण भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धार्मिक यात्राओं के ऊपर भी बरसात के कारण काफी बुरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस समय केदारनाथ धाम यात्रा करना भी खतरे से खाली नहीं है। मंगलवार रात्रि से केदारघाटी में लगातार बारिश हो रही है। बीते बुधवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा जिस वजह से कई मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। पहाड़ दरक रहे हैं और सड़कों पर लगातार मलबा आ रहा है।ऐसे में अगर आप भी केदारनाथ जाने की सोच रहे हैं तो अपने प्लान को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दीजिए। आगे पढ़िए
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केदारनाथ मार्ग में जिस तरह के हालात वर्तमान में बन रहे हैं, उससे केदारनाथ की यात्रा करना काफी रिस्की साबित हो सकता है। केदारनाथ धाम में अभी भी यात्रियों की यात्रा स्थगित हो रखी है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग मुनकटिया में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों के कारण अवरुद्ध हो रखा है। वहीं दूसरी ओर बदरीनाथ हाईवे भी क्षेत्रपाल और रामबगड़ में भी बंद हो रखा है। इससे आवाजाही में काफी समस्या हो रही है और काफी समय से श्रद्धालु वहीं फंसे हुए हैं। आज तीसरा दिन है और केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन भी संचालित नहीं हो पा रही है। बरसात के कारण उत्पन्न हो रखी परिस्थितियां भयावह हैं। प्रशासन और पुलिस द्वारा सोनप्रयाग में यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया गया है। वहीं केदारनाथ धाम में दर्शन करके आने वाले यात्रियों को एसडीआरएफ द्वारा सब कुशल गौरीकुंड पहुंचा दिया गया है।
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बता दें कि सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच में 6 किलोमीटर की दूरी में हाइवे पर जगह-जगह मलबा आ गया है जिस वजह से प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुए यह कदम उठाया है। बीते बृहस्पतिवार की सुबह घोड़ा पड़ाव और छौड़ी गदेरा में भूस्खलन से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा आ रहा है। इस दौरान धाम जाने के लिए 20 से अधिक यात्रियों को प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण पैदल मार्ग जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और छानी कैंप में मार्ग बेहद संवेदनशील बना हुआ है और इन स्थानों पर भूस्खलन का खतरा तो है ही साथ ही साथ कीचड़ से फिसलने का खतरा भी बन रखा है। कुल मिला कर मौसम के लिहाज से केदारनाथ धाम इस समय बेहद संवेदनशील बना हुआ है, ऐसे में अगर आप भी केदारनाथ धाम में यात्रा करने की सोच रहे हैं तो कुछ समय के लिए अपना प्लान स्थगित कर दें और घरों में सुरक्षित रहें।