पहाड़ में बड़े ठेकेदारों के काम के छोटे अंश पर काम करने वालों को किटकिनदार कहते हैं...पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार एवं एक्टिविस्ट इन्द्रेश मैखुरी का ब्लॉग
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Image: Indresh maikhuri blog on outsourcing
देहरादून: उत्तराखंड में 23 सितंबर से विधानसभा का सत्र शुरू होना है। इस विधानसभा के सत्र को लेकर बाकी तैयारियां अपनी जगह हैं,लेकिन लगता है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सत्र को लेकर अपनी तैयारी पूर्ण कर ली है। वह तैयारी क्या है,यह मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को लिखे गए पत्र से पता चलता है।
विधानसभा अध्यक्ष को 02 सितंबर को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री से संबंधित सभी विभागों के जवाब संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक देंगे। इस तरह मुख्यमंत्री की विधानसभा सत्र के लिए तैयारी पूर्ण हो गयी।उनकी यही तैयारी है कि उनको कोई तैयारी नहीं करनी है।
यह पहला मौका नहीं है,जब विधानसभा में अपने से संबंधित विभागों के जवाब देने का काम मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने अपने मंत्रियों को आउटसोर्स कर दिया। यह प्रक्रिया वे अगस्त 2017 से शुरू कर चुके हैं। अगस्त 2017 में भी विधानसभा सत्र में अपने से संबंधित विभागों के जवाब देने का जिम्मा उन्होंने अन्य मंत्रियों को सौंप दिया था।
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2017 और इस समय में केवल इतना ही अंतर है कि 2017 में अलग-अलग मंत्रियों को अलग-अलग विभागों के जवाब देने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी और इस समय मुख्यमंत्री से संबद्ध सभी विभागों से जुड़े सवालों का जिम्मा एक ही मंत्री को सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री, नेता सदन होते हैं। सवाल यह है कि सदन के नेता,सदन में पूछे जाने वाले सवालों को जवाब क्यूँ नहीं देना चाहते ? क्या वे सवालों से भयभीत हैं या वे स्वयं को सवालों से ऊपर समझते हैं ? यह कौन सी परिपाटी है कि व्यक्ति को सत्ता शीर्ष पर भी बैठना है और जवाबदेही से भी मुक्त रहना है ?
एक प्रश्न यह भी उठता है कि सवालों का यह हस्तांतरण क्या कहा जाएगा ? सरकार अपने विभागों में स्थायी नौकरी नहीं देती बल्कि बाहर से अस्थायी कर्मचारी लेती है। यह व्यवस्था आउटसोर्सिंग कहलाती है। दूसरी व्यवस्था ठेकेदारों की होती है। बड़ा ठेकेदार अपने बड़े काम का कुछ छोटा अंश,छोटे ठेकेदारों से करवाता है। पहाड़ में बड़े ठेकेदारों के काम के छोटे अंश पर काम करने वालों को किटकिनदार कहते हैं,अंग्रेजी में उनके लिए शब्द है- पेट्टी कांट्रेक्टर (petty contractor) विधानसभा में इस परिपाटी के लिए उपयुक्त शब्द क्या होगा ?