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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: कोरोना काल ने हजारों लोगों की नौकरियां छीन लीं। जिन लोगों का रोजगार चला गया वो वापस पहाड़ लौट आए। इनमें से कुछ लोग संकट के खत्म होने का इंतजार करने लगे, तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने इस वक्त को चुनौती की तरह स्वीकार किया और अपना भविष्य संवारने की कोशिश में जुट गए। टिहरी के चंबा ब्लॉक में रहने वाले प्रवीण बिष्ट और विकास बिष्ट ऐसे ही युवाओं में शामिल हैं। ये दोनों युवा हमारे दूसरे पहाड़ी भाईयों की तरह शहर के होटलों में जॉब करते थे। आज ये दोनों एलईडी बल्ब बनाकर हर महीने हजारों रुपये कमा रहे हैं। चंबा ब्लॉक में एक गांव है मानदा मखलोगी। प्रवीण बिष्ट और विकास बिष्ट इसी गांव में रहते हैं। ये दोनों प्रवासी युवक एक होटल में काम करते थे। मार्च में जब लॉकडाउन लगा तो इनका रोजगार छिन गया। तब ये दोनों गांव लौट आए। मुश्किल के इस वक्त में कोई और होता तो बुरी तरह टूट जाता, लेकिन प्रवीण और विकास ने इन्हीं मुश्किलों से सफलता की राह तलाशने की ठानी। और इस तलाश का जरिया बना यूट्यूब। आगे पढ़िए