नहीं रहे उत्तराखंड फुटबॉल के पितामह...मुफलिसी में निधन, कई खिलाड़ियों को बनाया स्टार

क्षेत्र के कई होनहार खिलाड़ियों को तराशकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले मो. इदरीश बाबा के जीवन का आखिरी वक्त मुफलिसी में बीता। उम्र के आखिरी पड़ाव में वो अकेले रह गए थे।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Almora news: Footballer baba idreesh died
Image: Footballer baba idreesh died

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के कई फुटबॉल खिलाड़ियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले फुटबॉल कोच मो. इदरीश बाबा नहीं रहे। अल्मोड़ा के राजकीय चिकित्सालय में शनिवार देर शाम उनका निधन हो गया। वो 79 साल के थे। क्षेत्र के कई होनहार खिलाड़ियों को तराशकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले मो. इदरीश बाबा के जीवन का आखिरी वक्त मुफलिसी में बीता। उम्र के आखिरी पड़ाव में वो असहाय हो गए थे। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। फुटबॉल कोच इदरीश बाबा लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा था। पिछले महीने राज्य समीक्षा ने उत्तराखंड के इस बुजुर्ग फुटबॉल कोच की मदद के लिए एक मुहिम शुरू की थी। जिसके बाद कई खेलप्रेमी उनकी मदद के लिए आगे भी आए।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: त्रिवेंद्र कैबिनेट का विस्तार जल्द, 3 नये चेहरों को मिलेगी जगह
दुनिया में कुछ लोग होते हैं, जो अपने पैशन के लिए हद दर्जे के जुनूनी होते हैं। फुटबॉल कोच मो. इदरीश बाबा भी ऐसे ही लोगों में से एक थे। फुटबॉल उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं उनकी जिंदगी था। इस खेल से उन्हें ऐसा लगाव था कि उन्होंने ताउम्र शादी नहीं की। अपनी पूरी जिंदगी फुटबॉल को समर्पित कर दी। उनके सिखाये खिलाड़ी आज बुलंदियां छू रहे हैं। फुटबॉल कोच मो. इदरीश ने इस खेल को बहुत कुछ दिया, लेकिन जब उम्र के आखिरी पड़ाव में उन्हें सहारे की जरूरत आन पड़ी, तब वो एकदम अकेले रह गए। कुछ समय पहले पता चला कि उनकी आहार नाल में कैंसर है। वो खाना नहीं खा पा रहे थे। जीवन का आखिरी समय होने के बावजूद वो फुटबॉल से कभी दूर नहीं रह पाए। दो महीने पहले तक वो राजपुरा मैदान में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते दिखते थे। इसके बाद उनका स्वास्थ्य निरंतर गिरता चला गया।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बेरोजगार ने DM को लिखा खत..‘ठेला लगाने के लिए मांग रहे रिश्वत, कर लूंगा खुदकुशी’
जरूरी बाजार क्षेत्र में रहने वाले मो. इदरीश बाबा 50 साल तक फुटबॉल खिलाड़ियों को तराशते रहे। बाबा इदरीश के प्रयासों से क्षेत्र के 12 से ज्यादा खिलाड़ी फुटबॉल की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचे और उत्तराखंड का नाम पूरे देश में रोशन किया। बाबा इदरीश के सिखाए खिलाड़ी आज सेना और दूसरे अन्य विभागों में अच्छे पदों पर कार्यरत हैं, लेकिन जब बाबा इदरीश को सचमुच किसी की मदद की जरूरत थी, तब उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। जीवन के आखिरी दिन मुफलिसी में गुजारने वाले मोहम्मद इदरीश बाबा शनिवार को इस दुनिया को अलविदा कह कर चले गए। मो. इदरीश बाबा के निधन से रानीखेत में फुटबाल के एक युग का अंत हो गया है।