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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ के 30 से ज्यादा गांवों का इंतजार रविवार को खत्म हो गया। तवाघाट-सोबला एनएच 60 दिन के बाद गाड़ियों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। सीमांत जिले की ये रोड सामरिक दृष्टि से बेहद अहम है। पिछले दो महीने से तवाघाट-सोबला एनएच क्षतिग्रस्त था, हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही नहीं हो रही थी। आस-पास के 30 से ज्यादा गांवों के लोग परेशान थे, क्योंकि रोड बंद होने की वजह से गांव का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। खैर दो महीने का ये इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। रविवार को रोड को आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सड़क के खुलने से दारमा और चौदास वैली के 30 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। तवाघाट-सोबला एनएच चौदास और दारमा वैली के 30 से ज्यादा गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। मानसून में भारी बारिश के बाद रोड बंद हो गई थी। भूस्खलन की वजह से हाईवे को नुकसान पहुंचा था। प्रमुख सड़क बंद होने क्षेत्र की पांच हजार से ज्यादा की आबादी का शेष दुनिया से सड़क संपर्क कट गया था। आगे पढ़िए