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पिथौरागढ़: एक फौजी का मिशन कभी खत्म नहीं होता। रिटायरमेंट के बाद भी सैनिक अपने देश और समाज के लिए हमेशा कुछ बेहतर करने की कोशिश में जुटे रहते हैं। इस बात को पहाड़ के रिटायर्ड फौजी शंकर सिंह भैंसोड़ा से बेहतर भला कौन समझ सकता है। सालों तक फौज में रहकर देश की सेवा करने वाले शंकर सिंह भैंसोड़ा आज क्षेत्र में स्वरोजगार की अलख जगा रहे हैं। उनके द्वारा तैयार इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। खेती और स्वरोजगार के जरिए शंकर सिंह ने ना सिर्फ अपनी तकदीर बदली, बल्कि अपने साथ क्षेत्र के 250 परिवारों को भी रोजगार से जोड़ा। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के थल क्षेत्र में एक गांव है बलतिर। 60 साल के शंकर सिंह भैंसोड़ा इसी गांव में रहते हैं। उनका दिन सुबह 4 बजे शुरू होता है।