गढ़वाल में देश का सबसे लंबा सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज..फसाड लाइट में दिखा मनमोहक नज़ारा

जी हां, हम बात कर रहे हैं टिहरी में बने खूबसूरत डोबरा-चांठी पुल की। फसाड लाइट से सजे इस पुल की खूबसूरती मन मोह लेने वाली है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

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Dobra Chanti Suspension Bridge: Dobra Chanti Suspension Bridge Facade Lights
Image: Dobra Chanti Suspension Bridge Facade Lights

टिहरी गढ़वाल: टिहरी वासियों की सालों की साध आखिरकार पूरी हो गई। प्रतापनगर वासियों का सपना हकीकत का रूप लेकर जगमगाने लगा है। जी हां हम बात कर रहे हैं टिहरी में बने खूबसूरत डोबरा-चांठी पुल की। फसाड लाइट से सजे इस पुल की खूबसूरती मन मोह लेने वाली है। ये पुल कई मायनों में खास है। डोबरा-चांठी पुल प्रदेश का पहला ऐसा ब्रिज है, जिसे फसाड लाइट्स से सजाया गया है। रात के वक्त रंग-बिरंगी लाइट से जगमगाने वाला यह पुल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। डोबरा-चांठी पुल ने आकार लेने में सालों का वक्त लिया, लेकिन लंबे इंतजार के बाद जो पुल बनकर तैयार हुआ है, उसे देख बरसों का इंतजार सफल हो गया लगता है। डोबरा-चांठी पुल पर फसाड लाइट लगाई गई है, जिसे देखने के लिए यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है।

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जिस तरह दिल्ली का संसद भवन, सिग्नेचर ब्रिज और कोलकाता का हावड़ा ब्रिज जगमगाता है। अपने टिहरी में बना डोबरा-चांठी पुल भी उसी तरह रंगीन रोशनी बिखेर रहा है। रंग-बिरंगी लाइटों से सजा पुल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज 42 वर्ग किलोमीटर तक फैली टिहरी झील के ऊपर बना है। जो प्रतापनगर क्षेत्र को मुख्यालय से जोड़ता है। ब्रिज पर अत्याधुनिक फसाड लाइटिंग सिस्टम लगाया गया है। जिस में 20 तरह की थीम अपलोड की गई हैं। होली, स्वतंत्रता दिवस, दिवाली और गणतंत्र दिवस जैसे मौकों पर ये पुल अलग तरह का संगीत और रोशनी बिखेरेगा। फसाड लाइट सिस्टम इससे पहले संसद भवन, सिग्नेचर ब्रिज और कोलकाता में हावड़ा ब्रिज पर भी लगाया गया है। उत्तराखंड में ये पहला मौका है, जब किसी पुल पर फसाड लाइट लगाई गई। इस पर 6 करोड़ रुपये की लागत आई।

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उद्घाटन के बाद पुल पर शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक फसाड लाइट रंग-बिरंगी रोशनी देगी। 9 बजे के बाद एक रंग की लाइट जलेगी। खास बात ये है कि फसाड लाइट सिस्टम को दिल्ली से ऑपरेट किया जाएगा, जो अपने आप में नई टेक्नोलॉजी है। देश में फसाड लाइट सबसे पहले साल 2018 में दिल्ली में लगाई गई थी। यह खास तरह की लाइट होती है। फसाड लाइट जिस जगह पर लगती है, उसी पर फोकस्ड रहती है। यानी इसकी रोशनी इधर-उधर नहीं बिखरती। आपको बता दें कि टिहरी बांध पर बने देश के सबसे लंबे सिंगल लेन सस्पेंशन ब्रिज डोबरा-चांठी की लंबाई 725 मीटर है। इस पुल को बनने में 15 साल का वक्त जरूर लगा, लेकिन सालों की मेहनत के बाद बना ये पुल ना सिर्फ आवागमन का बेहतर जरिया बनेगा, बल्कि इससे टिहरी में पर्यटन को बढ़ावा भी मिलेगा। बात चाहे सुरक्षा की हो या फिर सुंदरता की, ये पुल हर पैमाने पर खरा उतरेगा।