सरकार ने सार्वजनिक वाहनों का तीन महीने का वाहन कर माफ कर दिया है। यह छूट जुलाई से सितंबर तक के लिए लागू होगी।
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Komal Negi
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Image: Tax waived on public vehicles in Uttarakhand
देहरादून: कोरोना काल में राज्य सरकार ने ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। सरकार ने सार्वजनिक वाहनों का तीन महीने का वाहन कर माफ कर दिया है। यह छूट जुलाई से सितंबर तक लागू होगी। यानी अब ट्रांसपोर्टरों को अक्टूबर महीने से व्हीकल टैक्स देना होगा। सचिव परिवहन शैलेश बगौली के निर्देश पर उपसचिव अरविंद सिंह पांगती ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। वाहन कर में छूट मिलने से प्रदेश के ट्रांसपोर्टर राहत महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा स्कूल बसों का भी तीन महीने का वाहन कर माफ कर दिया गया है। छूट के दायरे में सार्वजनिक वाहन, स्कूल बसों के साथ भार वाहन भी शामिल हैं। कोरोना काल में सार्वजनिक सेवाओं का संचालन बंद रहा। जिससे ट्रांसपोर्टर घाटे में चल रहे थे। अनलॉक में जब गाड़ियां चलने लगी हैं, तब भी लोग यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर ही यात्रा कर रहे हैं। पर्यटन आधारित परिवहन व्यवसाय भी ठीक तरह से संचालित नहीं हो सका। जिस वजह से सार्वजनिक वाहनों का संचालन करने वाले ट्रांसपोर्टर घाटे में हैं। आगे पढ़िए
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ट्रांसपोर्टर लंबे वक्त से वाहन कर में छूट देने की मांग कर रहे थे। उनके हितों का ध्यान रखते हुए शासन ने पहले भी तीन महीने का वाहन कर माफ किया था। उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग में इस पर निर्णय लिया गया था, लेकिन तब इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी थी। ऐसे में जब सार्वजनिक वाहन संचालक अक्टूबर महीने में आरटीओ दफ्तर में वाहन कर जमा करने पहुंचे तो उनसे छूट की अवधि का बकाया टैक्स भी जमा करने को कहा गया था। जिस वजह से वाहन मालिक परेशान थे, अब ये परेशानी दूर हो गई है। राज्य सरकार ने वाहन टैक्स में छूट की अवधि बढ़ा दी है। जुलाई से सितंबर तक का वाहन कर नहीं लिया जाएगा। इस तरह वाहन मालिकों को वाहन कर में अप्रैल से लेकर सितंबर तक यानी छह महीने की छूट दी गई है। जिन वाहनों को छूट के दायरे में शामिल किया गया है। उनमें टैक्सी कैब, कांट्रेक्ट कैरिज मैक्सी, ऑटो रिक्शा, स्कूल बस, भार वाहन, विक्रम और परमिट से छूट प्राप्त ई-रिक्शा शामिल हैं।