उत्तराखंड: वन विभाग में 10 हजार नियुक्तियों का रास्ता साफ, सीएम ने दी हरी झंडी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद वन विभाग के माध्यम से 10 हजार व्यक्तियों को बतौर वन प्रहरी रोजगार देने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। जल्द ही वन विभाग 10 हजार भर्तियां निकाल सकता है
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Uttarakhand Forest Department: New recruitment in Uttarakhand Forest Department
Image: New recruitment in Uttarakhand Forest Department

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड से एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है। कोरोना काल में बेरोजगार हुए युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक सुनहरा से राज्य सरकार एक बार फिर आप सबके सामने लेकर आई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा निर्देश दिए जाने के बाद वन विभाग के माध्यम से 10 हजार व्यक्तियों को बतौर वन प्रहरी रोजगार देने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। उत्तराखंड प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (उत्तराखंड कैंपा) की राज्यस्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में कुल 265 करोड़ के बजट में से 41.80 करोड़ का बजट युवाओं के नई भर्तियों के लिए तय किया गया है। नौकरियों के अलावा और भी कई कामों के लिए वन विभाग द्वारा कुल 265 करोड़ का बजट तय किया गया है। बजट में से 41.80 करोड़ की राशि वन प्रहरियों की तैनाती के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसी के अलावा कैंपा की वार्षिक कार्य योजना में अन्य कामों के लिए भी बजट तय किया गया है जिनके तहत 6 नदियों का पुनर्जीवीकरण, चार बंदरबाड़ों का निर्माण, मानव वन्यजीव संघर्ष को थामने के लिए उपयुक्त कदम समेत और भी अन्य काम कैंपा की वार्षिक योजना में तय किए गए हैं।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बीते 9 सितंबर को उन्होंने उत्तराखंड कैंपा की समीक्षा बैठक में वन विभाग को यह आदेश दिए थे कि वे 10 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया कराएं। इसके बाद तुरंत ही कैंपा के कार्यकर्ताओं ने बीते 23 सितंबर को मुख्यमंत्री के निर्देश के ऊपर कार्यवाही करते हुए एक बैठक की जिसमें 10 हजार युवाओं की तैनाती समेत अन्य समस्याओं को भी शामिल करते हुए वार्षिक कार्य योजना को एक अंतिम रूप दिया गया, जिसके लिए 265 करोड का बजट तय किया गया है। बात दें कि कमेटी ने वार्षिक कार्य योजना पर काफी गहन सोच-विचार करने के पश्चात करने के बाद इसके बजट के अंदर 55 करोड़ की वृद्धि करने का फैसला लिया है। आखिरकार राज्य के लिए कैंपा की 265 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना के ऊपर मुहर लग चुकी है। बैठक में मौजूद रहे कैंपा के कार्यकारी समिति के अध्यक्ष एवं वन विभाग के मुखिया जयराज के अनुसार 10 हजार वन प्रहरियों की तैनाती के लिए कुल 41.80 करोड रुपए का बजट तय किया गया है। वन प्रहरियों को वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा वानिकी कार्य में भी सीजनल तैनाती दी जाएगी

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कैंपा के सीईओ जेएस सुहाग के अनुसार स्टीयरिंग कमेटी के अनुमोदन के बाद इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही बजट का आवंटन किया जाएगा। कार्ययोजना के मुताबिक इस वर्ष राज्य की गंडक, खोह, हेंवल, गहड़, मालन, गरुड़गंगा, र्राइंगाड नदियों का पुनर्जीवीकरण किया जाएगा, जिसके लिए 51.85 करोड़ का बजट तय किया गया है। इसके अलावा गढ़वाल व कुमाऊं के 50-50 गांवों में वन सीमा पर 125 किमी सूअररोधी दीवार निर्माण को 25.58 करोड़ बजट दिया गया है। गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों में दो-दो बंदरबाड़ों के लिए 19.30 करोड़, 50 किमी सोलर पावर फेंसिंग को 5.34 करोड़, विभिन्न वन प्रभागों में वन सीमा पर 13 किमी हाथी रोधी दीवार निर्माण के लिए 12.22 करोड़, 250 किमी हाथी रोधी खाइयों के लिए 3.89 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।