आईएएस अफसर दीपक रावत गंगा में सफाई करने उतरे तो अधिकारियों और स्थानीय लोगों का भी मनोबल बढ़ा। जिसके बाद सब एकजुट होकर सफाई के लिए नदी में उतर पड़े।
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Komal Negi
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Image: IAS officer Deepak Rawat landed in Ganga to clean up
हरिद्वार: ये तस्वीरें उत्तराखंड के हरिद्वार की हैं। जहां पौराणिक गंगा नदी की सफाई का अभियान चल रहा है। गंगा नदी में पानी रोकने के बाद जब नदी की साफ-सफाई का काम शुरू हुआ तो ज्यादातर लोग सिर्फ तमाशबीन बनकर घाटों पर खड़े रहे। नदी की सफाई करने के लिए लोग कतराए तो कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत खुद ही नदी में उतर गए और सफाई करने लगे। आईएएस अफसर को नदी की सफाई करते देख अधिकारियों और स्थानीय लोगों का भी मनोबल बढ़ा। जिसके बाद सब एकजुट होकर सफाई के लिए नदी में उतर पड़े। इस तरह आईएएस दीपक रावत ने गंगा नदी की स्वच्छता के लिए खुद कदम बढ़ाकर लोगों को भी गंगा की साफ-सफाई करने के लिए प्रेरित किया।
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हरिद्वार में अगले साल महाकुंभ का आयोजन होना है। जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचेंगे। ऐसे में हरिद्वार में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। गंगा नदी के घाटों पर सफाई की जा रही है। रविवार को यहां सफाई अभियान के दौरान जब कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत पहुंचे, तो वो सफाई करने वाले श्रमिकों को निर्देश देने की बजाय खुद ही गंगा में सफाई करने उतर गए। एक आईएएस अफसर को इस तरह से गंगा की सफाई करते देख लोग भी हैरान रह गए। उन्हें गंगा में सफाई करते देख लोगों का मनोबल बढ़ा और वो भी सफाई में योगदान देने लगे।
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राष्ट्रीय नदी के रूप में सम्मानित गंगा नदी हमारे जीवन के साथ हमारी संस्कृति का भी प्रमुख आधार है, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि जिस गंगा को लोग ‘मां’ कहते हैं, उसकी स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते। गंगा को निर्मल बनाए रखने में केंद्र और राज्य सरकारें तो जुटी ही हैं, लेकिन इसमें जनसामान्य की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी। रविवार को कुंभ मेला प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान के माध्यम से लोगों को यही संदेश दिया गया। प्रशासन के आह्वान पर कई संगठनों के लोगों ने गंगा घाटों की सफाई की। कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने खुद भी गंगा नदी में उतर कर घाटों की सफाई में योगदान दिया। सफाई अभियान में नगर निगम, आकांक्षा संस्था, बीईंग भागीरथ और स्पर्श गंगा अभियान से जुड़े लोगों ने सहयोग दिया।