उत्तराखंड-नेपाल बॉर्डर सील होने के बाद भी घुसपैठ जारी, ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं तस्कर..देखिए

भारत-नेपाल के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में तस्करों की घुसपैठ किसी दिन देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगी।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Uttarakhand Nepal border: Smuggling on the Uttarakhand Nepal border
Image: Smuggling on the Uttarakhand Nepal border

पिथौरागढ़: भारत-नेपाल के संबंधों में अब पहले जैसी बात नहीं रही। नेपाल भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रच रहा है। वहीं कोरोना संकट को देखते हुए नेपाल सीमा पिछले कई महीनों से सील है। लोगों के बॉर्डर पार करने पर पाबंदी लगी हुई है, लेकिन पाबंदी का असर दिख नहीं रहा। जिस कोरोना संकट ने हजारों नेपाली श्रमिकों का रोजगार छीन लिया, उसी संकट को नेपाल सीमा तस्करों ने कमाई का जरिया बना लिया है। तस्कर नेपाल के पंचेश्वर से जौलजीवी के बीच काली नदी को ट्यूब के सहारे पार कर भारत का माल नेपाल और नेपाल का माल भारत पहुंचा रहे हैं। ट्यूब के सहारे सीमावर्ती इलाकों में लगातार घुसपैठ हो रही है, जो कि देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। पिथौरागढ़ का झूलाघाट क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा को जोड़ता है। इन दिनों नेपाल सीमा पर आवाजाही पर रोक लगी है। झूलाघाट, लाली, बलुवाकोट, धारचूला और जौलजीबी पुल बंद हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार घुसपैठ हो रही है। तस्करों ने पाबंदियों का तोड़ निकाल लिया है। यहां पंचेश्वर से जौलजीबी के बीच काली नदी में ट्यूब के सहारे आवाजाही हो रही है। तस्कर नदी को ट्यूब के सहारे पार कर नेपाल से भारत में दाखिल हो रहे हैं। इसी तरह से नेपाल का माल भारत में पहुंचाया जा रहा है, जबकि भारत का माल नेपाल भेजा जा रहा है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड की सिद्धि..शादी के बाद पति को खोया, लेकिन हौसला नहीं टूटा..आज है नेशनल चैंपियन
भारत से अवैध तरीके से खाद्य तेल, बीड़ी, बर्तन, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक सामान और दवाइयां नेपाल भेजी जा रही हैं। जबकि नेपाल से प्रतिबंधित खुकुरी सिगरेट पिथौरागढ़ पहुंचाई जा रही है। नेपाल और भारत के बीच आवाजाही करने वाले तस्कर पंचेश्वर से जौलजीबी के बीच तालेश्वर, सिमपानी, खर्कतड़ी, अमतड़ी, सीमू, मध्य सप्तड़ी, बलतड़ी, चकद्वारी और डोडा के पास काली नदी को पार कर जिले में दाखिल हो रहे हैं। यही नहीं ट्यूब के सहारे लोगों को भी एक देश से दूसरे देश पहुंचाया जा रहा है। जिसके लिए तस्कर एक व्यक्ति से दो से पांच हजार रुपये तक लेते हैं। लॉकडाउन के वक्त से ही ये खेल चोरी-छिपे जारी है। तस्करों की घुसपैठ रोकने लिए भारत की तरफ से एसएसबी की तैनाती की गई है, जबकि नेपाल के सशस्त्र बल के जवान भी सीमा पर नजर बनाए हुए हैं। दोनों ही घुसपैठ रोकने के लिए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सीमा पर हालात फिर भी नहीं सुधर रहे। भारत और नेपाल के संबंध इन दिनों तनावपूर्ण बने हुए हैं। चीन के बहकावे में आकर नेपाल भारत के खिलाफ लगातार साजिश रच रहा है। वहां भारत विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में तस्करों की घुसपैठ किसी दिन देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगी।