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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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उत्तरकाशी: पहाड़ के लोग आज भी जीवनयापन के लिए खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों लोग ना तो खेती कर पा रहे हैं और ना ही पशुपालन। वजह है जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक। लोग खेत में फसल बोते हैं तो जंगली सुअर और बंदर फसल बर्बाद कर देते हैं। वहीं मवेशी गुलदार और भालू का शिकार बन रहे हैं। ताजा मामला उत्तरकाशी का है। जहां भालू ने दो अलग-अलग जगहों में कई मवेशियों को मार डाला। जिन पशुपालकों के मवेशी मारे गए, वो मुआवजे की मांग कर रहे हैं। पहली घटना भटवाड़ी ब्लॉक की है। जहां भंकोली गांव में रविवार की रात भालू दीवार तोड़कर गोशाला में घुस गया। वहां भालू ने गोशाला में बंधी गाय को मार डाला। दो बैल भी भालू के हमले में घायल हुए हैं। भंकोली गांव में रहने वाले मानवेंद्र सिंह ने बताया कि बीते रविवार की शाम वो मवेशियों को चारा देकर घर आ गए थे। सोमवार को जब वो दोबारा चारा देने गए तो गोशाला टूटी मिली। वहां बैल भी नहीं थे। खोजबीन करने पर गोशाला से कुछ दूरी पर गाय मरी हुई मिली। जिसे भालू ने खाया हुआ था। दोनों बैल भी घायल अवस्था में गोशाला से काफी दूर मिले। आगे पढ़िए