लॉकडाउन में नौकरी से हाथ धो बैठे, सिर पर आया कर्जा तो धोखे से कर लिए 42 लैपटॉप चोरी। हरिद्वार पुलिस ने सूझबूझ से पकड़े 2 आरोपी, 3 अब भी फरार। आगे पढ़िए पूरी खबर-
-
Komal Negi
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: 2 youths who steal laptop in Roorkee arrested
रुड़की: बेरोजगारी में इंसान क्या कुछ नहीं कर जाता है। अब हरिद्वार में ही देख लीजिए। लॉकडाउन में कर्ज में डूबे कुछ युवक अपनी बेरोजगारी से इतना परेशान हो चले कि उन्होंने 42 लैपटॉप चोरी कर लिए। क्या आपको याद है, बीते 27 अक्टूबर को रुड़की से 42 लैपटॉप की बड़ी चोरी का मामला सामने आया था। उसके आरोपी आखिरकार हरिद्वार पुलिस ने पकड़ लिए हैं। पुलिस ने लैपटॉप ले जा रही गाड़ी के ड्राइवर समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 40 लैपटॉप बरामद कर लिए हैं। सभी युवकों ने बेरोजगारी के चलते चोरी को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार इस वारदात में तीन और लोग शामिल है जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। 2 लैपटॉप अब भी गायब हैं। आरोपियों से चोरी की वजह पूछे गए तो उन्होंने पुलिस को बताया लॉकडाउन के दौरान काम ना होने के कारण उनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ गया था जिसके बाद उन्होंने चोरी की योजना बनाई।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, मिलने वाली है बोनस की सौगात
बीते 27 अक्टूबर को देहरादून से एक वाहन लैपटॉप के डिलीवरी के लिए रुड़की पहुंचा था। वाहन चला रहे चालक ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर गाड़ी में रखे 42 लैपटॉप को चोरी कर लिए और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी अपने बनाए गए प्लान के मुताबिक देहरादून से ही वाहन का पीछा कर रहे थे और वाहन चालक ने रुड़की में मौका देखते ही अपने अन्य 4 साथियों के साथ 42 लैपटॉप पर से हाथ साफ कर लिया। पुलिस ने आज नारसन बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान गाड़ी से 40 लैपटॉप बरामद कर दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद 42 लैपटॉप की कीमत 23 लाख बताई जा रही है। बता दें कि वाहन चालक युवक समेत उसके साथी नामी कंपनी के लैपटॉपों को दिल्ली में बेचने की फिराक में थे। मगर समय रहते पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और सभी लैपटॉप बरामद कर लिए।
यह भी पढ़ें - देहरादून में लागू हो सकता है ऑड ईवन फॉर्मूला...खचाखच ट्रैफिक से मिलेगी राहत
इस वारदात में शामिल तीन आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी खोजबीन करने में जुटी हुई है वहीं बरामद किए गए लैपटॉपों में से दो लैपटॉप कम हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ चल रही है। हरिद्वार के एसएसपी कृष्णराज एस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि उन्होंने बेरोजगारी के चलते लैपटॉप चोरी करने का बड़ा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते उनका काम छूट गया था और वह कर्ज में डूब गए थे। उन्होंने एक युवक का नकली ड्राइविंग लाइसेंस बना कर एक ट्रांसपोर्टर के पास नौकरी पर लगवा दिया था। धीरे-धीरे वह बतौर ड्राइवर मालिक का विश्वास जीतने में कामयाब हो गया था। मालिक ने उसको लैपटॉप की डिलीवरी का जिम्मा सौंपा और इसके बाद उन्होंने लैपटॉप चोरी करने की योजना बनाई। रुड़की में मौका देखते ही चालक समेत उसके अन्य साथियों ने घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस की सूझबूझ से आरोपी नारसन बॉर्डर पर पकड़े गए हैं। अन्य 3 आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।