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टिहरी गढ़वाल: टिहरी वासियों की ‘उम्मीदों’ का पुल आज जनता को समर्पित कर दिया गया। फसाड लाइट से सजे इस पुल की खूबसूरती मन मोह लेने वाली है। वास्तव मैं ये पुल दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज को टक्कर दे रहा है। राज्य स्थापना दिवस पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टिहरी झील के ऊपर बने डोबरा-चांठी पुल का उद्घाटन किया। इसी के साथ प्रतापनगर वासियों का बरसों का सपना हकीकत में तब्दील हो गया। डोबरा-चांठी पुल पर आवाजाही शुरू हो गई है। टिहरी झील के ऊपर बना डोबरा-चांठी पुल देश का सबसे लंबा मोटरेबल झूला पुल है। इसमें ऐसी कई खूबियां हैं, जो इसे दूसरे सस्पेंशन ब्रिज से अलग बनाती हैं। डोबरा-चांठी पुल ने आकार लेने में सालों का वक्त लिया, लेकिन लंबे इंतजार के बाद जो पुल बनकर तैयार हुआ है, उसे देख बरसों का इंतजार सफल हो गया लगता है। इस पुल की क्षमता 16 टन भार सहन करने की है। पुल की चौड़ाई 7 मीटर है। जिसमें मोटर मार्ग की चौड़ाई 5.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई 0.75 मीटर है। डोबरा-चांठी पुल की उम्र करीबन 100 साल तक बताई जा रही है। पुल के निर्माण पर करीब 3 अरब रुपये खर्च हुए