पहाड़ में ऐसे अफसर भी हैं, DM से प्रेरणा लेकर गरीब बच्चों ने बनाई कैंडल..इन्हें दिवाली पर जरूर खरीदें

नैनीताल जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रेरणा दी तो बच्चे हुनरमंद हो गए। आप भी पढ़िए ये कहानी
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IAS Savin Bansal: Poor children made candles in Nainital
Image: Poor children made candles in Nainital

नैनीताल: उत्तराखंड में कुछ जिलाधिकारी हैं, जो वास्तव में अपने कामों से जनता के दिलों में अलग जगह बना रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं सविन बंसल..नैनीताल जिलाधिकारी सविन बंसल की जितनी तारीफ करें, कम है। जिलाधिकारी सविन बंसल की प्रेरणा से राजकीय संपेक्षण गृह में वर्तमान मे मौजूद चार बच्चे दीपावली पर्व के लिए रंग-बिरंगी मोमबत्तियां (कैंडल) बना रहे है। इस प्रकार दीपावली के इस पर्व पर विकास के दीये से रोशन होती जिन्दगी के जरिये गरीब बच्चों को जहां मोम के दीये बनाने की महारत हासिल हुई वही उनमे आत्मविश्वास भी बढा है। बच्चों के इस हुनर का अवलोकन उपनिदेशक सूचना योगेश मिश्रा द्वारा किया गया तथा मौके पर मिश्रा ने लगभग पांच सौ रूपये की रंगबिरंगी कैंडल भी खरीदी तथा बच्चों के दीपावली के अवसर पर फल आदि भी दिये। जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन ने बताया कि विभाग की गीता साह को कैंडल बनाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। श्रीमती साह के निर्देशन मे बच्चे रंगबिरंगी मोमबत्तियां तैयार कर रहे है जो कि दीपावली के मौके पर हाथों हाथ बिक जा रही है।

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वही महिला कल्याण एवं पुर्नवास केन्द्र मे वर्तमान मे 12 परित्यक्ता, गरीब, निराश्ररित महिलायें रह रही है। जिलाधिकारी श्री बंसल की प्रेरणा से यह महिलायें कोविड 19 संक्रमण सुरक्षा के उददेश्य हेतु डबल लेयर रंगबिरंगे काॅटन मास्क तैयार कर रही है। इन महिलाओं द्वारा वर पक्ष एव वधु पक्ष के लिए भी आकर्षक मास्क तैयार किये जा रहे है। मिश्रा द्वारा व्यक्ति प्रयोग के लिए कुछ मास्क भी क्रय किये। एक तरफ बच्चे खूबसूरत कैंडल बना रहे हैं और दूटसरी तरफ मूकवधिर महिला द्वारा काॅटन के मास्क बनाये जा रहे है। केन्द्र की अन्य महिलायें भी मास्क बनाने का प्रशिक्षण लेकर इस कार्य मे जुटी हैं। इन बच्चों का उददेश्य है कि उनके हाथों से बनी मोमबत्तीयों से लोगों की दीपावली जगमग हो तथा लोगों के यहा खुशहाली आये। वही महिलाओं की सोच है कि उनके बनाये मास्क से लोग कोरोना से सुरक्षित रहें। इस अवसर पर केन्द्र की परामर्शदात्री तबस्मी एवं अन्य स्टाफ मौजूद थे।