उत्तराखंड: विधि-विधान से बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट..निभाई गई सदियों पुरानी परंपरा

उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री के कपाट आज दोपहर पूरे विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं। अब शीतकाल में मां गंगा के दर्शन मुखवा में किए जा सकेंगे-
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Gangotri Dham: Gangotri Dham Kapat Close
Image: Gangotri Dham Kapat Close

उत्तरकाशी: शीतकाल के आते ही अब चार धाम की यात्रा के समापन का समय भी नजदीक आ चुका है और अब धीरे-धीरे सभी धामों के कपाट बंद हो रहे हैं। बीते बुधवार को रुद्रप्रयाग में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे जिस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद रहे। आज यानी कि रविवार को उत्तरकाशी में भी विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ के लिए रवाना हो चुकी है। कपाट के बंद होने से पहले गंगोत्री मंदिर और गंगा घाट पर पुजारियों द्वारा पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर हर्षिल घाटी के ग्रामीण भी गंगोत्री पहुंचे और मां गंगा के दर्शन किए। मां गंगा के दर्शन के लिए जिले की प्रमुख देव डोलियां भी गंगोत्री धाम पहुंचीं। अब मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ की ओर रवाना हो चुकी है और श्रद्धालु वहां उनके दर्शन कर पाएंगे। दशहरे के दौरान ही सभी धामों के बंद होने की तिथि को तय किया गया था। आज सुबह पूरे रीति-रिवाज और विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद गंगोत्री धाम के कपाट भी बंद किए गए। कपाट बंद करने के दौरान मां गंगा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में वहां पर श्रद्धालु मौजूद रहे। धाम के कपाट 12:15 पर विधि विधान के साथ बंद किए गए। आगे पढ़िए

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अन्नकूट पर्व के शुभ मुहूर्त पर गंगोत्री धाम में सुबह 11;40 बजे उदय बेला पर मां गंगा का मुकुट उतारा गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए और अमृतवेला अभिजीत मुहूर्त पर गंगोत्री के कपाट को बंद कर दिया गया..कपाट बंद होने के दौरान तीर्थ पुरोहितों ने गंगा लहरी का पाठ किया और विशेष पूजा कर मां गंगा को डोली में बिठाकर उनके शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ के लिए ले रवाना किया। मां गंगा के दर्शन के लिए वहां भारी मात्रा में श्रद्धालु मौजूद थे और कपाट बंद करने और मां गंगा को डोली में बैठाते वक्त धाम का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गंगोत्री के कपाट बंद होने के बाद अब श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन शीतकालीन प्रवास मुखवा में कर सकेंगे। बता दें कि दशहरे से ही सभी धाम के कपाट बंद करने की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए गए हैं। जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद किए जाएंगे। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद करने के लिए 19 नवंबर की तिथि तय की गई है।