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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: उत्तराखंड में पुलिस व्यवस्था आमजन के साथ-साथ अब खुद के विभाग के लिए भी सख्त हो चली है। स्मार्ट पुलिस बनाने के लिए पुलिस व्यवस्था को खुद में भी बदलाव करने बेहद जरूरी हैं और वे बदलाव कर भी रहे हैं। मैदानी इलाकों में पुलिस की आरामदायक नौकरी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। अब उनकी पहाड़ों पर ड्यूटी करने की बारी जल्द ही आने वाली है। अब मैदान में जो भी पुलिसकर्मी 8 सालों से नौकरी कर रहे हैं उनको जल्द ही पहाड़ पर तबादला मिल सकता है। डीजी कानून व्यवस्था ने अब ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जो पिछले 8 सालों से मैदान में नौकरी कर रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों को जल्द ही पहाड़ चढ़ना पड़ सकता है। डीजी अशोक कुमार ने कहा है कि अब कर्मचारियों के मैदान में रुकने की सेटिंग-गेटिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा। जो भी पुलिसकर्मी अपने ट्रांसफर पर रोक लगाते हैं, अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। यह तो सबको पता ही होगा कि पहाड़ पर नौकरी करने के लिए कोई भी राजी नहीं होता है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के दुर्गम इलाकों में पुलिस कर्मी भी अन्य विभाग के कर्मचारियों की तरह नौकरी करने से कतराते हैं। आगे पढ़िए