इन दिनों हर्षिल में ताल के साथ ही मैदानी इलाके भी बर्फ की चादर ओढ़े नजर आ रहे हैं। बर्फबारी देख पर्यटक भी खुश हैं।
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Komal negi
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Image: Snowfall Harshil valley lake frozen
उत्तरकाशी: सीजन की बर्फबारी होते ही पहाड़ में मनमोहक नजारे नजर आने लगे हैं। बर्फबारी के बाद ऐसी ही खूबसूरत तस्वीरें उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी से आई हैं। यहां बर्फबारी के बाद दिलकश नजारे दिख रहे हैं। पहाड़ में हुई बर्फबारी ने ठंड तो बढ़ाई है, लेकिन बर्फबारी के बाद स्थानीय लोगों के चेहरे खिल गए हैं। जो पर्यटक बर्फबारी देखने की उम्मीद लिए दूर-दूर से हर्षिल आए हैं, वो भी खुश हैं। इस मौके का पर्यटक सालभर इंतजार करते हैं। यही एक मौका होता है जब पहाड़ों पर जहां देखो वहां चांदी की तरह गिरी बर्फ नजर आती है। स्थानीय लोग भी इस मौके का बेसब्री से इंतजार करते हैं।इस वक्त प्रदेश के चारधाम समेत सभी ऊंची चोटियां बर्फ की चादर से ढकी हैं। बात करें हर्षिल की तो यहां केदारपाती और देवदार के पेड़ों के बीच बर्फ से ढका सातताल अपनी खूबसूरत छटा बिखेर रहा है। हर्षिल घाटी के धराली गांव में सात ताल हैं, जिनमें से पांच ताल बर्फ के बीच जमे हुए हैं। सोमवार को गंगोत्री, हर्षिल घाटी, खरसाली सहित मोरी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के बाद ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। आगे पढ़िए
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हर्षिल में ताल के साथ ही मैदानी इलाके भी बर्फ की चादर ओढ़े नजर आ रहे हैं। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से हर्षिल पहुंच रहे हैं। हिमालय की ऊंची चोटियों में बसा हर्षिल 7,860 फीट की ऊंचाई पर है। जिला मुख्यालय से हर्षिल की दूरी 75 किलोमीटर है। यहां पहुंचने के लिये कार या बस का सहारा लिया जा सकता है। यहां की वादियों की खूबसूरती में देवदार के घने जंगल चार चांद लगाते हैं। हर्षिल में सातताल कहां है, और आप यहां कैसे पहुंच सकते हैं, ये भी बताते हैं। सातताल हर्षिल घाटी का सड़क से सबसे नजदीक का पर्यटक स्थल है। जो लोग प्रकृति के करीब रहना पसंद करते हैं, ट्रैकिंग जिनका शौक है। वो धराली गांव से करीब 3 किमी का ट्रैक कर यहां पहुंच सकते हैं। हर्षिल में कैंपिंग के लिए ये जगह सबसे उपयुक्त है, क्योंकि ये सड़क मार्ग के करीब है। हर्षिल ऋषिकेश के उत्तरकाशी होते हुए जा सकते हैं। यहां ठहरने के लिए खूबसूरत होम स्टे बने हुए है, जो कि पर्यटकों की बाट जोह रहे हैं।