पूर्व निर्वाचन आयुक्त सुबर्धन शाह और पूर्व आईपीएस अनंत चौहान आप में शामिल,अरविंद केजरीवाल ने दिलाई सदस्यता
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Komal Negi
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Image: Former IPS Anant Ram and former Election Commissioner Subardhan Shah joined Aam Aadmi Party
देहरादून: आम आदमी पार्टी से लोगों के जुडने का सिलसिला लगातार जारी है। अभी तीन दिन पहले जहां पूर्व मुख्यमंत्री बी सी खंडूडी के बेहद करीबी और बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष, विनोद कपरवाण ने दिल्ली में आप पार्टी की सदस्यता ग्रहण है। उसी तरह उत्तराखंड के पूर्व निर्वाचन आयुक्त सुबर्धन शाह और पूर्व आईपीएस अनंत राम चौहान ने भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने के बाद आप पार्टी का दामन थामा। दोनों ही पूर्व वरिष्ठ नौकरशाहों को अरविंद केजरीवाल ने सदस्यता दिलाई। इस दौरान उत्तराखंड के आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया भी मौजूद रहे। आपको बता दें कि ये दोनों ही नौकरशाह प्रदेश में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और दोनों ही अपनी उत्कृष्ट सेवा भाव के लिए प्रदेश में जाने भी जाते हैं। सुबर्धन शाह अनेक पदों पर रहे वो सचिव ,अपर सचिव,और आपदा के दौरान गढवाल के कमिश्नर के तौर पर प्रदेश में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वो अपने बेबाकी और बेदाग छवि के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं। अब आगे जानिए दूसरे चेहरे के बारे में
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वहीं पूर्व आईपीएस अनंत राम चौहान ने 1989 में पीपीएस से अपने सफर की शुरुआत की । उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ,बिजनौर और गाजियाबाद के कई इलाकों में अपनी सेवाएं दी। 2005 में वो आईपीएस प्रमोट हुए । अनंत कुमार उत्तरकाशी और चमोली में एसपी के पद पर कार्य कर चुके हैं जबकि एसएसपी के तौर पर उन्होंने नैनीताल में अपनी सेवाएं दी। 2014 में उनकी प्रोन्नति डीआईजी क्राईम एवं रिसर्च विंग के रुप में हुए जहां उन्होंने दोनों ही मंडलों में अपनी सेवाएं दी। 2018 में वे आईजी बने । उन्हें 2011 में पुलिस मेडल भी प्रदान किया गया। इस मौके पर प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने कहा कि इन दोनों ही अफसरों ने प्रदेश के मैदानी और पहाडी इलाकों में अपनी सेवाएं दी हैं ,और पहाड मैदान की समस्याएं ये दोनों अधिकारी बहुत अच्छे से जानते और समझते हैं। आप पार्टी में इन दोनों ही अधिकारियों के है होने से पार्टी को इनके अनुभव का पूरा लाभ मिलेगा। मोहनिया ने कहा कि आप पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर ही इन दो पूर्व नौकरशाहों ने आप पार्टी का दामन थामा है और आगे भी कई एसे लोग हैं जो पार्टी को तीसरे विकल्प के रुप में उत्तराखंड में स्थापित करना चाहते हैं वो भी आने वाले समय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर पार्टी को और भी ज्यादा मजबूती प्रदान करेंगे।