मिलिए अल्मोड़ा के आकाश किरण खुल्बे से जिन्होंने बैंक की ऐशो आराम से भरी सरकारी नौकरी को न चुनकर भारतीय सेना की राह चुनी
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Komal Negi
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Image: Akash Khulbe became an officer in the army
अल्मोड़ा: सैन्य भूमि के रूप में प्रख्यात उत्तराखंड से सबसे अधिक संख्या में जांबाज जवान भारतीय सेना में शामिल होते हैं। उत्तराखंड के कई युवा सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना में शामिल हो रहे हैं और राज्य का नाम गर्व से ऊंचा कर रहे हैं। बीते शनिवार को देहरादून के इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड हुई जिसमें उत्तराखंड के कई युवा अफसर के पद पर तैनात हुए। आज उन्हीं में से एक युवक से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जिन्होंने बैंक की जॉब को छोड़ आर्मी की राह को चुना और अब वे भारतीय सेना में अफसर बन गए हैं। उनके पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने अपने घर की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाया और भारतीय सेना में अफसर के पद पर चुन लिए गए हैं। हम बात कर रहे हैं हल्द्वानी के आकाश किरण खुल्बे जिन्होंने बैंक की ऐशो आराम से भरी सरकारी नौकरी को न चुनकर सेना की राह चुनी और कड़ी मेहनत की।
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अब वे भारतीय सेना में अफसर के पद पर चुन लिए गए हैं। बीते शनिवार को हुई पीओपी में उनको अफसर के पद चुना गया। इस मौके पर उनके माता-पिता भी मौजूद थे। बैंक में चयन होने के 4 दिन के बाद ही उनका सीडीएस का परिणाम भी आया और उन्होंने आखिरकार सेना में जाने की ठानी और देहरादून आईएमए में दाखिला लेकर प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे भारतीय सेना में अफसर बनकर सेवा देंगे। आकाश किरण खुल्बे मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के गांव सिरौली मौकुटिया के रहने वाले हैं और उनका परिवार वर्तमान में हल्द्वानी में रह रहा है। बता दें कि उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद ही मन में आर्मी में जाने की ठान ली थी और उसकी ओर मेहनत करना शुरू कर दिया था। 2013 में उन्होंने 12वीं पास की और उसके बाद ही वे सेना में अफसर बनने का सपना देखने लगे। उन्होंने हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई के साथ ही सीडीएस की तैयारी शुरू कर दी और उन्होंने सीडीएस के साथ ही बैंक की भी तैयारी की।
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2016 में स्नातक की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने प्रतियोगिताओं के लिए जमकर मेहनत की। 2019 में बैंक पीओ के लिए उनका चयन हो गया। मगर सेना के प्रति उनका लगाव इस कदर था कि उन्होंने पीओ की नौकरी ज्वाइन करने की बजाय सीडीएस के परिणाम का इंतजार करना ज्यादा बेहतर समझा और आईएमए देहरादून में उन्होंने आखिरकार सीडीएस की परीक्षा पास कर दाखिला ले लिया। महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद वे आखिरकार उनकी मेहनत सफल हुई और वे भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी चुने गए हैं। बता दें कि उन्होंने अपने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेना में अफसर बन सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनके पिता सागर चंद्र खुल्बे भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनके पिता ने बताया कि वे भी सेना में अफसर बनना चाहते थे मगर उनके बेटे ने उनके सपने को पूरा कर दिखाया है।आकाश किरण खुल्बे के गांव में भी उनके अफसर बनने के बाद खुशी की लहर छा गई है।