16 दिसंबर को तोताघाटी में बड़े वाहनों का ट्रायल होगा। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही तोताघाटी में बड़े वाहनों का आना-जाना शुरू हो जाएगा। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: Totaghati to open soon for big vehicle
ऋषिकेश: ऋषिकेश से श्रीनगर-रुद्रप्रयाग जाने वालों के लिए पहाड़ी सफर तकलीफदेह साबित हो रहा है। जो लोग देवप्रयाग की तोताघाटी से होते हुए रुद्रप्रयाग आए हैं, सिर्फ वही जानते हैं कि उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए क्या कुछ नहीं सहना पड़ा। उबड़-खाबड़ सड़क, उस पर लंबा जाम वाहन चालकों की तकलीफ को बढ़ा रहा है। पिछले 8 महीने से यहां बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही। हालांकि अब यहां बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कराने की तैयारी पूरी हो गई है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही तोताघाटी में बड़े वाहनों का आना-जाना शुरू हो जाएगा। इससे पहले यहां 16 दिसंबर को बड़े वाहनों का ट्रायल होगा। लोक निर्माण विभाग ने ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है। लोनिवि यहां जल्द ही ट्रायल शुरू कर सकता है। इस ट्रायल पर प्रशासन, पुलिस और एनएच लोक निर्माण विभाग अपनी नजर बनाये रखेंगे। ट्रायल सफल होने पर ही तोताघाटी में भारी वाहनों को जाने दिया जाएगा।
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इस वक्त तोताघाटी क्षेत्र में ऑलवेदर रोड का काम चल रहा है। यहां सड़क पिछले कई महीनो से बंद थी। कुछ समय पहले यहां छोटे वाहनों की आवाजाही की इजाजत दे दी गई, लेकिन इस रोड पर सफर अब भी खतरनाक बना हुआ है। जगह-जगह रोड क्षतिग्रस्त है। कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच 40 किलोमीटर के इस पैच पर पिछले आठ महीने से वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। छोटी गाड़ियां तो फिर भी जैसे-तैसे निकल ही रही हैं, लेकिन ऋषिकेश-देवप्रयाग रोड पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। इससे देवप्रयाग, व्यासी, तीन धारा और सोड पानी सहित टिहरी और पौड़ी जिले के लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।आगे भी पढ़िए इस बारे में कुछ खास बातें।
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मजबूरी में लोगों को महंगे दामों पर टैक्सियां बुक करनी पड़ रही हैं। क्योंकि ऋषिकेश-देवप्रयाग रूट पर अभी बड़ी गाड़ियां नहीं चल रहीं, इसलिए बड़े वाहनों को श्रीनगर से मलेथा-टिहरी-चंबा-नरेंद्रनगर होते हुए ऋषिकेश जाना पड़ रहा है। जिसमें पैसा भी ज्यादा खर्च हो रहा है और वाहन चालकों को 45 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता भी तय करना पड़ रहा है। अब लोनिवि 16 दिसंबर को यहां बड़े वाहन का ट्रायल कराने जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो ये रास्ता बड़े वाहनों के लिये खोल दिया जाएगा। जिससे धन और समय दोनों की बचत होगी। देवप्रयाग के तहसीलदार सबल सिंह चौहान ने कहा कि यातायात सुरक्षित रहे इस बात को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रायल सफल रहा तो तोताघाटी में बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।