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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: उत्तराखंड के होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। देश और प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। ऐसे ही होनहार खिलाड़ियों में से एक हैं उत्तरकाशी के अंशुल जुबली। जो कि मुक्केबाजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। उनकी मेहनत के सफल नतीजे भी दिखने लगे हैं। मुक्केबाजी के क्षेत्र में अलग पहचान बनाने की चाह रखने वाले अंशुल इन दिनों मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) फाइट में नाम कमा रहे हैं। वो जल्द ही दुबई में आयोजित होने वाली एमएमए फाइट में भारत का प्रतिनिधित्व करते दिखेंगे। अंशुल जुबली मूलरूप से उत्तरकाशी के भटवाड़ी के रहने वाले हैं। पिछले साल उन्होंने मुंबई में हुई एमएमए फाइट में गोल्ड मेडल जीता था। जिसके बाद उन्हें दुबई में होने वाली फाइट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। अंशुल जुबली के पिता रविंद्र जुबली और माता जगदंबा जुबली भटवाड़ी के रहने वाले हैं। अंशुल की शुरुआती पढ़ाई उत्तरकाशी में ही हुई। उनके पिता बीएसएफ में हैं। ऐसे में उन्होंने आगे की पढ़ाई पिता के साथ रहते हुए अलग-अलग शहरों में हासिल की। आगे पढ़िए