उत्तराखंड: गांव में लोगों को ठग रहा था फर्जी बाबा..गांव वालों ने कंडाली से झपोड़ा

कंपकंपाती ठंड में कांटेदार कंडाली बदन से चिपकी तो ठग महाराज को लोक-परलोक सब याद आ गए, माया का मोह भी छूट गया। उसने ग्रामीणों से माफी मांगी साथ ही बुजुर्ग को उसकी धनराशि भी वापस लौटा दी। आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Pithoragarh news: People beat farzi baba in pithoragarh
Image: People beat farzi baba in pithoragarh

पिथौरागढ़: अगर आपका बचपन पहाड़ में बीता है तो कंडाली से आपका कभी न कभी वास्ता जरूर पड़ा होगा। पहाड़ में बच्चे आज भी भूत से नहीं बल्कि कंडाली से झपोड़े जाने से ज्यादा डरते हैं। हाल में यहां के ग्रामीणों ने साधु के वेश में घूम रहे एक ठग को कंडाली के इसी रौद्ररूप का एहसास कराया। ढोंगी साधु महाराज दौड़ा-दौड़ाकर कंडाली से झपोड़े गए। घटना पिथौरागढ़ क्षेत्र की है। यहां आठगांव शिलिंग में एक गांव है मरसोली। पिछले कुछ दिनों से यहां एक आदमी साधु का रूप धरकर गांव-गांव घूम रहा था। घूमते-घूमते वो मरसोली गांव आ गया। यहां भोले-भाले पहाड़ियों से कहा कि वो उनके परिवार के सभी दुख-दर्द दूर कर देगा। साधु ने लोगों से इसके एवज में रुपये ऐंठे। गांव के कुछ लोगों ने श्रद्धा से, तो कुछ ने डरकर साधु को रुपये दे दिए। ग्रामीणों ने बताया कि साधु एक माचिस की तिल्ली देकर पूरे घर की परिक्रमा करने को कह रहा था। कुछ लोग साधु की चाल को भांप गए और उसे रास्ते से ही विदा कर दिया। इस बीच साधु एक बुजुर्ग आदमी के घर पहुंचा और उसे अपनी लच्छेदार बातों में उलझा कर उसका विश्वास जीत लिया। आगे पढ़ें

यह भी पढ़ें - केदारनाथ धाम में प्रचंड ठंड..6 फीट तक गिरी बर्फ, माइनस 7 पहुंचा तापमान...देखिए वीडियो
बातचीत के दौरान ही साधु ने बुजुर्ग को सम्मोहित किया और उससे पांच हजार रुपये हड़प लिए। ठगी का अहसास होने पर बुजुर्ग ने इस बारे में परिजनों और आस पड़ोस के लोगों को घटना के बारे में बताया। फिर तो साधु की शामत आ गई। ग्रामीणों ने पीछा कर साधु को पकड़ लिया और गांव में ही ठग का भूत उतारने का इंतजाम भी कर दिया। ग्रामीणों ने ठग की खूब धुनाई की। इस दौरान साधु महाराज कंडाली यानि बिच्छू घास से खूब झपोड़े गए। कंपकंपाती ठंड में कांटेदार कंडाली बदन से चिपकी तो ठग महाराज को लोक-परलोक सब याद आ गए, माया का मोह भी छूट गया। उसने ग्रामीणों से माफी मांगी साथ ही बुजुर्ग को उसकी धनराशि भी वापस लौटा दी। वहीं राजस्व अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं है, हालांकि क्षेत्र में राजस्व कर्मियों को नियमित गश्त करने और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने को कहा गया है।