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बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पौड़ी गढ़वाल: मन में कुछ करने का जज्बा हो तो चुनौतियां खुद ब खुद अवसर में बदल जाती हैं। उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल इसकी जीती जागती मिसाल हैं। कात्यायनी ने दिल्ली न्यायिक सेवा-2019 की परीक्षा पास कर ली है। यही नहीं सामान्य वर्ग की वरियता सूची में कात्यायनी दूसरी रैंक हासिल करने में सफल रहीं। उन्होंने अपनी उपलब्धि से प्रदेश का नाम रोशन किया है। कात्यायनी की ये सफलता कई मायनों में खास है। कात्यायनी का विवाह हो चुका है। आमतौर पर शादी के बाद महिलाएं घर-गृहस्थी के लिए अपने सपनों की तिलांजलि दे देती हैं। कई बार भावी परिवार से सहयोग नहीं मिलता, लेकिन शादी के बाद आई नई जिम्मेदारियों ने कात्यायनी को मजबूत ही बनाया। चलिए आपको कात्यायनी की जर्नी के बारे में बताते हैं। कात्यायनी शर्मा कंडवाल मूलरूप से पौड़ी जिले के मवालस्यूं में आने वाले गांव मरड़ा की रहने वाली हैं। उनके पिता स्व. मदन मोहन सुंदरियाल ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे। कात्यायनी की मां कुसुम सुंदरियाल देहरादून में शिक्षिका हैं। कात्यायनी की शुरुआती पढ़ाई पौड़ी और देहरादून में हुई। आगे पढ़िए