Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
अल्मोड़ा: एक वक्त था जब चाय सिर्फ एक ही तरीके से बनाई जाती थी, लेकिन आज के समय में चाय की कई अलग-अलग वैरायटी मौजूद हैं। बात करें उत्तराखंड की तो यहां चाय के बिना दिन की शुरुआत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उत्तराखंड में अब जगह-जगह चाय बागान विकसित होने लगे हैं। यहां पैदा होने वाली चाय की उत्तराखंड-टी के नाम से ब्रांडिग की जा रही है। अब सरकार चाय बागानों के साथ ही टी-टूरिज्म पर भी फोकस कर रही है। हाल में उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल की पहल पर प्रदेश में नई चाय फैक्ट्री खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली, जो कि प्रदेश के चाय बागानों को टी-टूरिज्म से जोड़ने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यूटीडीबी के उपाध्यक्ष गोविंद सिंह पिलख्वाल ने प्रदेश में चार नए चाय कारखाने खोलने का सुझाव दिया था। हाल में संपन्न हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इनमें से तीन चाय कारखाने अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में लगेंगे। जिससे एक हजार से ज्यादा स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आगे पढ़िए