ड्राइवर ने अगर समय पर समझदारी भरा कदम नहीं उठाया होता तो यात्रियों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान भी आफत में पड़ जाती, लेकिन शुक्र है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
-
Komal Negi
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Brakes of moving bus fail in Rishikesh
ऋषिकेश: जान हथेली पर रखना क्या होता है, ये जरा पहाड़ में सफर करने वालों से पूछिए। पहाड़ी रास्तों पर सफर करते वक्त या तो सिर्फ भगवान बचा सकते हैं, या फिर ड्राइवर। यात्रियों के भरोसे पर ड्राइवर अक्सर खरे भी उतरते हैं। अब ऋषिकेश में ही देख लें। यहां एक डाक सेवा बस का ब्रेक फेल हो गया। ड्राइवर ने अगर समय पर समझदारी भरा कदम नहीं उठाया होता तो यात्रियों के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान भी आफत में पड़ जाती, लेकिन शुक्र है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। यात्रियों की जान खतरे में देख ड्राइवर ने बस को एक डिवाइडर से भिड़ा दिया। जिससे बस रुक गई। चलिए पूरा मामला बताते हैं। यातायात परिवहन कंपनी की हरिद्वार और उत्तरकाशी के बीच संचालित होने वाली डाक सेवा बस का ऋषिकेश में अचानक ब्रेक फेल हो गया था। जानकारी के मुताबिक बस सुबह करीब छह बजे हरिद्वार से ऋषिकेश के लिए चली थी। यहां से डाक और यात्री लेकर इस बस को उत्तरकाशी जाना था। गाड़ी को 56 वर्षीय चालक गंगाराम चला रहे थे, वो पौड़ी के रहने वाले हैं।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: अस्पताल में 22 दिन से भर्ती है 5 साल की जाह्नवी..ब्लड डोनेशन की अपील
यह बस जैसे ही ऋषिकेश में नगर निगम ऑफिस के पास पहुंची तो सामने से एक स्कूटी सवार आ गया। ड्राइवर गंगाराम ने स्कूटी सवार को बचाने के लिए गाड़ी में ब्रेक लगाया, लेकिन ब्रेक लगा नहीं। गंगाराम तुरंत समझ गए कि ब्रेक फेल हो गए हैं। अब यात्रियों की सुरक्षा का सवाल था। तभी गंगाराम ने तुरंत फैसला लिया और बस को सामने सड़क के बीच सीमेंट के डिवाइडर से टकरा दिया। तरकीब काम कर गई। टक्कर इतनी तेज थी की डिवाइडर का एक हिस्सा टूटकर आगे खिसक गया, बस का अगला हिस्सा डिवाइडर में फंस गया, लेकिन बस रुक गई। बस के रुक जाने पर यात्रियों ने चैन की सांस ली। गनीमत रही कि उस वक्त सड़क पर ट्रैफिक नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। खैर सभी यात्री सुरक्षित हैं। ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। बाद में सभी यात्रियों को तिपहिया वाहन से चारधाम बस टर्मिनल कंपाउंड पहुंचाया गया, जहां से वो अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।