उत्तराखंड में संवरेगी 12 डिग्री कॉलेजों की तस्वीर..हंस फाउंडेशन देगा 6 करोड़ की आर्थिक मदद

हंस फाउंडेशन ने प्रदेश के छात्रों के हित में बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश के जो डिग्री कॉलेज केंद्र की मदद से वंचित रह गए हैं, उन्हें अब हंस फाउंडेशन संवारेगा
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Hans Foundation Uttarakhand: Hans Foundation will develop colleges in Uttarakhand
Image: Hans Foundation will develop colleges in Uttarakhand

पौड़ी गढ़वाल: मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। कई स्वयंसेवी संस्थाएं सिर्फ सेवा की बातें करती हैं, लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसी संस्था है, जिसने मानव सेवा को मिशन के तौर पर अपनाया है। इस संस्था का काम धरातल पर दिख भी रहा है। जिस संस्था की हम बात कर रहे हैं, उसका नाम है हंस फाउंडेशन। हंस फाउंडेशन उत्तराखंड में हर क्षेत्र में काम कर रहा है। इसी कड़ी में हंस फाउंडेशन ने छात्रों के हित में बड़ा ऐलान किया है। हंस फाउंडेशन केंद्र पोषित योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) की मदद से वंचित रह गए सरकारी डिग्री कॉलेजों को आर्थिक मदद मुहैया कराएगा। इन डिग्री कॉलेजों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। हाल में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के साथ हंस फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिसमें संस्था ने प्रदेश के 12 सरकारी डिग्री कॉलेजों को 50-50 लाख की धनराशि देने का ऐलान किया।

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संस्था की तरफ से उन डिग्री कॉलेजों को आर्थिक मदद दी जाएगी, जिन्हें केंद्र पोषित योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) की तरफ से मदद नहीं मिल पा रही है। प्रदेश में ऐसे सरकारी डिग्री कॉलेजों की संख्या करीब 12 है। अब इन कॉलेजों को संवारने का बीड़ा हंस फाउंडेशन ने उठाया है। प्रत्येक कॉलेज को संस्था की तरफ से 50 लाख रुपये की धनराशि दी जाएगी। जिससे छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। डिग्री कॉलेज में स्मार्ट क्लासरूम बनेंगे। प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट लाइब्रेरी बनाई जाएगी।फांउडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था की तरफ से दी गई धनराशि खर्च करने का ब्यौरा विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग को उपयोग प्रमाण पत्र के साथ ही ऑडिट रिपोर्ट संस्था को सौंपनी होगी। जिन कॉलेजों को आर्थिक मदद दी जाएगी उनमें चंपावत, रायपुर, डोईवाला, रानीखेत, पाबौ, सितारगंज, बड़कोट, कोटद्वार भाबर, थलीसैंण, गैरसैंण, चौबट्टाखाल और कर्णप्रयाग के डिग्री कॉलेज शामिल हैं।