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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उधमसिंह नगर: गलती और गुनाह में बड़ा फर्क होता है। गलतियां अगर समय पर ना सुधारी जाएं तो इन्हें आदत बनते देर नहीं लगती। ऊधमसिंहनगर के रहने वाले विश्वजीत मलिक के केस में भी यही हुआ। बचपन में मामूली सी बात पर अपने भाई की हत्या करने वाला विश्वजीत खुद को कानून से ऊपर समझ बैठा था। भाई को मारने का उसे कोई पछतावा नहीं था। पांच साल पहले उसने हरिद्वार में अपनी पत्नी की भी हत्या कर दी, लेकिन कहते हैं ना कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। देर से ही सही अपराधी के गरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। फरार हुआ इनामी बदमाश विश्वजीत भी पांच साल बाद पकड़ा गया। स्पेशल टास्क फोर्स ने उसे यूपी के कानपुर से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में रहने वाले विश्वजीत मलिक ने 25 नवंबर 2015 को अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद से वो फरार चल रहा था। पुलिस और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटे थे। हरिद्वार पुलिस ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पिछले दिनों पुलिस को खबर मिली कि विश्वजीत कानपुर में कहीं छिपा हुआ है। आगे पढ़िए