उत्तराखंड: एक घर से मिला 50 किलो गो-मांस..जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा

ऊधमसिंहनगर जिले में एक घर से 50 किलो मांस बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर दिया है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Udham Singh Nagar News: 50 kg meat recovered from home in Udham Singh Nagar
Image: 50 kg meat recovered from home in Udham Singh Nagar

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के यूएसनगर जिले से में प्रतिबंधित मांस की बिक्री का चौंका देने वाला मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे में भी कोहराम मचा रखा है। ऊधमसिंहनगर जिले में एक घर से 50 किलो मांस बरामद हुआ है। घर में ही मांस की बिक्री की जा रही थी। पुलिस ने मांस का सैंपल जांच के लिए भेज दिया था। आरोपितों से मिले मांस के गोमांस होने की पुष्टि हो गई है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार को तीन आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। आखिर प्रशासन और पुलिस की नजरों से बच कर चोरी-छिपे मांस क्यों बेचा जा रहा है। 50 किलो मांस एक घर में मिलना कई प्रश्नों को जन्म देता है। वहीं प्रशासन की सख्ती के बावजूद क्षेत्र में प्रतिबंधित मांस की बिक्री होना प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। प्रतिबंधित मांस की बिक्री को लेकर लोगों में भी आक्रोश है। बीते शुक्रवार को कटोरा ताल चौकी प्रभारी ओमप्रकाश को उधम सिंह नगर के काशीपुर स्थित काजीबाग मोहल्ले के घर में प्रतिबंधित मांस की बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद चौकी प्रभारी ओमप्रकाश अपनी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे और घर में छापेमारी कर 50 किलो मांस बरामद किया। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - गढ़वाल: ड्यूटी से गायब मिले अधिकारी..DM ईवा ने दिए वेतन रोकने के आदेश
प्रतिबंधित मांस बरामद होने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों की पहचान मोहम्मद हनीफ उर्फ गुड्डू ,मोबीन और तंजीम के रूप में हुई है। यह तीनों कानून की निगाह से बचकर रंगे हाथ मांस बेचते हुए पकड़े गए। पुलिस ने मौके पर से 50 किलो मांस, मांस काटने के औजार और तराजू भी बरामद किए हैं।चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश ने बताया कि जांच में मांस के गोवंश का होने की पुष्टि हुई है। मगर सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर अवैध रूप से और कानून की निगाह से बचकर इतना सारा मांस एक घर के अंदर आखिर क्यों बेचा जा रहा था और आखिर इस बारे में प्रशासन को भनक क्यों नहीं लगी। वही मांस प्रतिबंधित होने की जानकारी पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर दिया है