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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तरकाशी: किसी ने सच ही कहा है प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। अब उत्तराखंड के नन्हें अस्तित्व डोभाल को ही देख लें। महज 13 साल की उम्र में इस बच्चे ने वो उपलब्धियां हासिल कर ली हैं, जिसका ज्यादातर लोग सपना ही देखते रह जाते हैं। अस्तित्व डोभाल ने साल 2018 में थाईलैंड में हुई स्केटिंग चैंपियनशिप में देश के लिए दो स्वर्ण पदक जीते थे, उस वक्त उनकी उम्र महज 13 साल थी। अब अस्तित्व 15 साल के हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि से देश के साथ-साथ उत्तराखंड का भी मान बढ़ाया है। यही नहीं अब तो प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित पुस्तकों में भी अस्तित्व डोभाल से जुड़े सवाल छपने लगे हैं। अस्तित्व डोभाल मूलरूप से उत्तरकाशी जिले के रहने वाले हैं। उनका परिवार बड़कोट के चक्रगांव में रहता है। बेटे की उपलब्धि से पिता विनोद डोभाल भी गदगद हैं।