गढ़वाल: 15 साल का अस्तित्व डोभाल..PCS परीक्षा में पूछा गया इस बच्चे से जुड़ा सवाल

महज 13 साल की उम्र में अस्तित्व डोभाल ने वो उपलब्धियां हासिल कर ली, जिसका ज्यादातर लोग सपना ही देखते रह जाते हैं।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Uttarkashi News: Astitva Doval Uttarkashi News
Image: Astitva Doval Uttarkashi News

उत्तरकाशी: किसी ने सच ही कहा है प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। अब उत्तराखंड के नन्हें अस्तित्व डोभाल को ही देख लें। महज 13 साल की उम्र में इस बच्चे ने वो उपलब्धियां हासिल कर ली हैं, जिसका ज्यादातर लोग सपना ही देखते रह जाते हैं। अस्तित्व डोभाल ने साल 2018 में थाईलैंड में हुई स्केटिंग चैंपियनशिप में देश के लिए दो स्वर्ण पदक जीते थे, उस वक्त उनकी उम्र महज 13 साल थी। अब अस्तित्व 15 साल के हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि से देश के साथ-साथ उत्तराखंड का भी मान बढ़ाया है। यही नहीं अब तो प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित पुस्तकों में भी अस्तित्व डोभाल से जुड़े सवाल छपने लगे हैं। अस्तित्व डोभाल मूलरूप से उत्तरकाशी जिले के रहने वाले हैं। उनका परिवार बड़कोट के चक्रगांव में रहता है। बेटे की उपलब्धि से पिता विनोद डोभाल भी गदगद हैं।

यह भी पढ़ें - पहाड़ का ईमानदार छात्र..रास्ते में मिला 2 लाख रुपयों से भरा बैग, सीधे मालिक तक पहुंचाया
13 साल के अस्तित्व डोभाल ने साल 2018 में थाईलैंड में हुई रूरल टूर्नामेंट स्केटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। जिसमें उन्होंने दो गोल्ड मेडल जीते। वो अब तक कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। उत्तराखंड पीसीएस मेन परीक्षा में भी अस्तित्व से जुड़ा सवाल पूछा गया था। प्रतियोगियों से पूछा गया था कि ‘उत्तराखंड के किस बालक ने थाईलैंड रूरल टूर्नामेंट स्केटिंग प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीते हैं’। नन्हें अस्तित्व की उपलब्धियों से उनके माता-पिता गर्वित हैं। रवांई घाटी के लोग भी अस्तित्व पर खूब प्यार लुटा रहे हैं। देश के लिए दो स्वर्ण पदक जीतकर विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले अस्तित्व खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं। उन्हें उत्तरकाशी में प्रतिष्ठित तिलाड़ी सम्मान से नवाजा जा चुका है। छोटी सी उम्र में अपने खेल से कई उपलब्धियां हासिल करने वाले अस्तित्व आज सबके लिए इंस्पिरेशन बन गए हैं।