गढ़वाल: पोल्ट्री फॉर्म में करीब 200 मुर्गियों की मौत..बर्ड फ्लू का खतरा, संकट में रोजगार

टिहरी जनपद के विकास खंड में स्थित महावीर सिंह राठौड़ के मुर्गी फार्म में 320 में से अब तक लगभग 200 से भी अधिक मुर्गियां मर चुकी हैं जिसके बाद उनके रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है
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Kirti Nagar Poultry Farm: 200 chickens killed at poultry farm in Kirtinagar
Image: 200 chickens killed at poultry farm in Kirtinagar

श्रीनगर गढ़वाल: अब कोरोनावायरस के साथ ही उत्तराखंड में बर्ड फ्लू भी तेजी से पैर पसारता दिख रहा है। बर्ड फ्लू की दहशत प्रदेश में बढ़ती जा रही है और पक्षियों के मृत पाए जाने का सिलसिला भी थमता नहीं दिखाई दे रहा है। तकरीबन हर जिले में बीमार पक्षी दम तोड़ रहे हैं और यह फ्लू तेजी से उनके बीच में फैल रहा है। देशभर के 10 राज्यों में यह फ्लू तेजी से फैल रहा है और दुर्भाग्यवश उत्तराखंड उन 10 राज्यों में से एक है जहां पर बर्ड फ्लू आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा है और तेजी से पक्षियों की जान ले रहा है। कहा जा रहा था कि यह फ्लू कौवों को अपनी चपेट में ज्यादा ले रहा है क्योंकि राज्य में अबतक सबसे अधिक मृत कौए ही पाए गए हैं। मगर अब यह फ्लू मुर्गियों के अंदर भी देखने को मिल रहा है और मुर्गियों की जान ले रहा है। इससे मुर्गी पालन से जुड़े लोगों के बीच में चिंता बढ़ गई है। टिहरी जनपद में मुर्गी फार्म के अंदर मुर्गियों के मरने का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिहरी जनपद के विकास खंड कीर्तिनगर में स्थित महावीर सिंह राठौड़ के मुर्गी फार्म में मुर्गियां लगातार दम तोड़ रही हैं और अभी तक लगभग 200 से भी अधिक मुर्गियां फॉर्म में मर चुकी हैं।

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घटना को लेकर पशु विभाग चिंतित हो रखा है और उसने मुर्गी फार्म में सावधानी बरतने को कहा है। विभाग द्वारा कड़कनाथ मुर्गी का सैंपल क्लेक्ट कर मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं मुर्गियों की मौत की जानकारी के लिए राजस्व विभाग भी मौके पर पहुंचा। घटनास्थल पर पशु चिकित्सा अधिकारियों समेत कई लोग मौजूद रहे। मुर्गी फार्म के मालिक महावीर सिंह का कहना है कि उन्होंने बेरोजगारी से निजात पाने के लिए गांव में ही पोल्ट्री फार्म खोला था। मगर फार्म में कड़कनाथ मुर्गा की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्तमान में उनके पास 320 मुर्गियां थीं जो कि रोजाना मर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनको अब तक लगभग 200 मुर्गियों का नुकसान हो चुका है। बर्ड फ्लू का फैलना वाकई में मुर्गी पालन के व्यवसाय के ऊपर भी काफी असर डाल रहा है। बर्ड फ्लू के कारण मुर्गी पालक परेशान हो रखे हैं। कई लोगों ने मुर्गी फार्म खोलकर स्वरोजगार शुरू किया था। अब उनके बीच में भी यह डर बैठ गया है कि कहीं उनकी मुर्गियां भी फ्लू की चपेट में आ गईं तो तो उन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।