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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: भारत में सभी धर्मों को समान सम्मान देने का इतिहास रहा है। मसूरी में रहने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने भी इसी परंपरा को कायम रखते हुए सर्वधर्म समभाव की एक शानदार मिसाल पेश की। बुजुर्ग महमूद हसन ने राम मंदिर निर्माण के लिए 1100 रुपये की सहयोग राशि दी है। उन्होंने ये राशि बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष राकेश रावत को सौंपी, जो कि राम मंदिर धन संग्रह के कार्य से जुड़े हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लोग बढ़-चढ़ कर दान कर रहे हैं। इस अभियान में मुस्लिम समुदाय के लोग भी आगे आकर सहयोग राशि दे रहे हैं। धर्मनिरपेक्षता और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए मसूरी के 70 वर्षीय महमूद हसन ने भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 11 सौ रुपये दान दिए। दान की राशि ना देखकर हमें दानकर्ता के मन का भाव देखना चाहिए। उत्तराखंड के बुजुर्ग महमूद हसन भी मंदिर निर्माण के लिए दान देकर सुर्खियों में बने हुए हैं। उनका ये दान हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल बना हुआ है। महमूद हसन पीएम नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों में से एक हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले महमूद हसन पीएम मोदी से मुलाकात भी कर चुके हैं। आगे पढ़िए