आरोपी सुरेश ने ये भी बताया कि कारोबारी उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। उसने राजकुमार गुप्ता को अपने घर पर पत्नी के साथ देखा था। तब से सुरेश कारोबारी से बदला लेना चाहता था।
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Komal Negi
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Image: Businessman murder in Rishikesh
ऋषिकेश: उत्तराखंड का पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश। यहां बिजनौर जिले में 16 जनवरी को एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखा गया, लेकिन 72 घंटे तक पहचान नहीं हो पाई। तब बिजनौर पुलिस ने शव को लावारिस समझ उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब मरने वाले की पहचान भी हो गई है, और उसके हत्यारे भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मरने वाले शख्स की पहचान ऋषिकेश से लापता हुए कारोबारी राजकुमार गुप्ता के तौर पर हुई। पुलिस ने राजकुमार गुप्ता की हत्या के आरोप में तीन लोगों को पकड़ा है। इन लोगों ने ब्याज पर ली गई रकम चुकाने में परेशानी आने पर उनकी हत्या कर दी थी। आरोपी ऋषिकेश क्षेत्र से लाश को कार में डालकर बिजनौर के मंडावर क्षेत्र के जंगल में ले गए। वहां शव जलाने की कोशिश की। फिर शव को अधजला छोड़कर वहां से फरार हो गए।
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हत्या की एक वजह कारोबारी का आरोपी की पत्नी से संबंध होना भी बताई जा रही है। मामले की जांच जारी है। रविवार को एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने हत्याकांड का खुलासा किया। इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, ये भी बताते हैं। 15 जनवरी को ऋषिकेश के मायाकुंड में रहने वाले रूपेश गुप्ता ने अपने पिता राजकुमार गुप्ता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रूपेश ने बताया कि उसके पिता रोज की तरह स्कूटर से दोपहर एक बजे निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। कई मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए, 55 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस बीच एक फुटेज में राजकुमार गुप्ता अपने परिचित सुरेश चौधरी के साथ नजर आ गए। शक के आधार पर शनिवार को पुलिस ने सुरेश चौधरी निवासी बापू ग्राम ऋषिकेश को उसके घर से पकड़ लिया। उसके साथ बिजनौर के रहने वाले इंद्रपाल सिंह उर्फ पप्पू और राजकुमार भी गिरफ्तार किए गए।
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सख्ती से पूछताछ होने पर तीनों ने हत्या का गुनाह कबूल कर लिया। सुरेश चौधरी ने बताया कि दो साल पहले उसने बेटी की शादी के लिए राजकुमार गुप्ता से छह लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। तब से वो लगातार गुप्ता को ब्याज दे रहा था। इसके बाद भी रकम घट नहीं रही थी। तब उसने कारोबारी की हत्या का प्लान बनाया। 15 जनवरी को उसने बहाना बनाकर कारोबारी को अपने पास बुलाया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर बाद में शव को बिजनौर में ले जाकर जलाने की कोशिश की। सुरेश ने ये भी बताया कि कारोबारी उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था। उसने राजकुमार गुप्ता को अपने घर पर पत्नी के साथ देखा था। तब से सुरेश कारोबारी से बदला लेना चाहता था। इसके लिए उसने अपने दो साथियों को एक-एक लाख रुपये का लालच देकर प्लान में शामिल कर लिया। बहरहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।