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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हल्द्वानी: उत्तराखंड के एक और जांबाज लाल ने देशसेवा की राह में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। हल्द्वानी के रहने वाले रणबीर सिंह रावत मणिपुर में पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों की गोली लगने से शहीद हो गए। शुक्रवार को उनका रानीबाग घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। चित्रशाला घाट पर सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। हवलदार रणबीर सिंह रावत अपने पीछे दो बच्चों, पत्नी और मां को बिलखता छोड़ गए हैं। वो आर्मी में 23 साल पहले भर्ती हुए थे। मूलरूप से चमोली के थराली क्षेत्र के रहने वाले हवलदार रणबीर सिंह रावत का परिवार हल्द्वानी में रहता है। वो ब्रैवो कंपनी 13 असम राइफल में हवलदार थे। हवलदार रणबीर सिंह रावत 27 जनवरी की सुबह सेलून में पेट्रोलिंग से वापस लौट रहे थे। इस दौरान आतंकी गुटों की गोली लगने से वो शहीद हो गए।