उत्तराखंड: 19 करोड़ की लागत से बनी सड़क..चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात

थल क्षेत्र में 19 करोड़ की लागत से बन रही सड़क के निर्माण में धांधली के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, काजवे और स्क्रबर निर्माण में मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
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Pithoragarh: Allegations of rigging in the construction of a road being built at a cost of 9 crores
Image: Allegations of rigging in the construction of a road being built at a cost of 9 crores

पिथौरागढ़: पहाड़ में विकास के नाम पर बन रही सड़कों का बुरा हाल है। घटिया सामग्री से बनी सड़कें पहली बरसात में ही बह जाती हैं। निर्माण के कुछ ही दिन बाद सड़कें उखड़ने लगती हैं। पिथौरागढ़ में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। यहां थल क्षेत्र में 19 करोड़ की लागत से बन रही सड़क के निर्माण में धांधली के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, काजवे और स्क्रबर निर्माण में मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों ने निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। मामला पांखू-चौसला-नौलड़ा रोड से जुड़ा है। यहां प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पीएमजीएसवाई विभाग डीडीहाट द्वारा सड़क बनवाई जा रही है। सड़क निर्माण के काम का दूसरा चरण चल रहा है। 29 किमी लंबी रोड के निर्माण के लिए 19 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। दूसरे चरण के तहत सड़क में काजवे, स्क्रबर और सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने ऐतराज जताया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। निर्माण कार्य में स्थानीय मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मिट्टी में सीमेंट मिलाकर निर्माण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। नतीजतन सड़क में हाल ही में बने स्क्रबरों में बड़े-बड़े छेद हो गए हैं। नियमानुसार निर्माण कार्य में क्रशर की बजरी का इस्तेमाल करना होता है, लेकिन ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है। बजरी की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लोग संबंधित विभाग से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस बारे में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने कहा कि उन्हें भी निर्माण को लेकर शिकायतें मिली हैं। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान लापरवाही मिलने पर दोषियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।