बागेश्वर में पर्वतीय भोग मिल का संचालन शुरू हो गया है। पहले चरण में गांव में तैयार आटे को बाजार में बेचा जा रहा है, अगले चरण में मंडुवे के आटे की बिक्री की जाएगी।
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Komal Negi
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Image: Govind Bisht flour mill of Bageshwar
बागेश्वर: पहाड़ में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है, बस जरूरत है इन अवसरों को ढूंढकर उन्हें सफलता में बदलने की। अब बागेश्वर के रहने वाले गोविंद सिंह बिष्ट को ही देख लें। जिन्होंने पहाड़ के उत्पादों को बाजार दिलाने के लिए पर्वतीय भोग मिल का संचालन शुरू किया है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों का एक ब्रांड बनाकर इन उत्पादों को बाजार भी मुहैया कराया है। आज इस मिल से करीब 7 लोग सीधे तौर पर जुड़ गए हैं। उम्मीद है मिल में तैयार उत्पाद लोगों को पसंद आएंगे और ऐसी कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी। गोविंद सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पर्वतीय भोग फ्लोर मिल की शुरुआत की है। जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर है, यहां स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग की जाएगी। द्यांगण बाइपास के पास स्थापित मिल का शुभारंभ हो गया है। शुरुआत में मिल की तरफ से 300 पैकेट बनाकर 80 क्विंटल आटा बाजार में उतारा गया है। ये पैकेट 5 किलो और 10 किलो के पैक में उपलब्ध हैं। बाजार में इस वक्त कई बड़े ब्रांड हैं, इसलिए पर्वतीय भोग फ्लोर मिल ने अपने उत्पादों का भाव कम रखा है, ताकि ये बाजार में बड़ी कंपनियों से मुकाबला कर सकें। पहले चरण में पहाड़ में तैयार आटा मार्केट में उतारा गया है।
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अगले चरण में मंडुवे के आटे की बिक्री की जाएगी। इसके लिए उद्यमी गोविंद सिंह बिष्ट ने बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ ब्लॉक के काश्तकारों से संपर्क किया है। ये काश्तकार उन्हें मंडुवा उपलब्ध कराएंगे। जिसे एक किलोग्राम की पैकेजिंग में बाजार में उतारा जाएगा। पर्वतीय भोग फ्लोर मिल में अभी 7 लोग काम कर रहे हैं। गोविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि उन्होंने अपना काम शुरू करने के लिए उद्योग विभाग से 12 लाख का लोन लिया है। हमारा उद्देश्य पहाड़ी उत्पादों को बाजार दिलाना है, ताकि इसका सीधा फायदा यहां के काश्तकारों को मिले। इससे खेती को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही ग्रामीण इलाकों में हो रहे पलायन को भी रोका जा सकेगा। बागेश्वर के उद्योग महाप्रबंधक जीपी दुर्गापाल ने बताया कि क्षेत्र में 203 लोगों को व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन दिया गया है। जो भी युवा व्यवसायी अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें विभाग की तरफ से हर जरूरी मदद दी जाएगी।