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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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पौड़ी गढ़वाल: गणित। ऐसा विषय, जिसके बारे में सुनते ही हम में से कई लोगों की बचपन की अच्छी यादें ताजा हो जाती हैं और कई लोगों की बुरी यादें। हम में से कई ऐसे लोग हैं जो बचपन में मैथ्स से सबसे ज्यादा डरते थे, लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां के बच्चे मैथ्स से बिलकुल नहीं डरते। पिछले नौ साल से इस स्कूल में गणित का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है और इसका श्रेय जाता है यहां के मैथ्स टीचर वीरेंद्र खंकरियाल को। वीरेंद्र के गणित पढ़ाने का तरीका बेहद अनोखा है। वो बच्चों को खेल-खेल में गीतों के जरिए गणित पढ़ाते हैं। इससे बच्चों को मैथ्स की क्लास बोरिंग नहीं लगती और उनकी गणित में रुचि भी बढ़ती है। वीरेंद्र के अभिनव प्रयोग के लिए उन्हें शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए भी चयनित किया गया है। शासन द्वारा ये पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले शिक्षकों को दिया जाता है। इसके लिए नामित होने वालों में वीरेद्र खंकरियाल भी शामिल हैं। मौजूदा समय में वो जीआईसी खोलाचौरी में गणित विषय के सहायक अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।