Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। दुर्भाग्य से इसकी वजह क्रिकेट नहीं, बल्कि कुछ और है। दरअसल पिछले दिनों उत्तराखंड की सीनियर क्रिकेट टीम के हेड कोच वसीम जाफर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बताया गया कि उन पर सीएयू ने सांप्रदायिक होने का आरोप लगाया है। कहा गया कि वसीम जाफर मजहब के आधार पर खिलाड़ियों का चयन कर रहे थे। इस तरह के आरोप लगने के बाद वसीम जाफर ने हेड कोच के पद से इस्तीफा दे दिया। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रकरण पर ट्वीट करके बिना नाम लिए मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस मामले में जल्द ही कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। वसीम जाफर के इस्तीफे के बाद जिस तरह सीएयू की फजीहत हो रही है, उससे प्रदेश सरकार भी असहज है।
दरअसल राहुल गांधी ने क्रिकेट में सांप्रदायिकता के बहाने मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की। ऐसे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत डैमेज कंट्रोल के लिए इस मामले में जल्द ही एक्शन ले सकते हैं। आपको बता दें कि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने मंगलवार को चयन में दखल और चयनकर्ताओं तथा संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर उत्तराखंड क्रिकेट टीम के कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है।