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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: चमोली में आया आपदा का सैलाब अपने पीछे दर्द की अनगिनत कहानियां छोड़ गया। विकासनगर का कालसी विकासखंड ऐसी ही दुखद कहानी का गवाह बनकर रह गया है। यहां एक गांव है पंजिया। इस गांव में रहने वाले चार युवक रोजी-रोटी की तलाश में जोशीमठ गए थे, लेकिन आपदा के बाद से इनका कोई सुराग नहीं लगा। कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब बेटों की कोई खबर नहीं मिली तो परिजनों ने कलेजे पर पत्थर रखकर अपने लाडलों को मृत मान लिया। स्वजनों ने लापता युवकों को मृत मानकर उनका पुतला बनाया और हरिपुर कालसी में यमुना किनारे अंतिम संस्कार किया। इन चार युवकों में दो सगे भाई भी शामिल थे। आपदा में जिन लोगों ने अपने लाडलों को गंवा दिया, उनके दर्द का आप और हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। जिन हाथों से लोगों ने अपने बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया था, उन्हीं हाथों से लाडलों के पुतले बनाकर उन्हें चिता के हवाले करना पड़ रहा है। स्वजनों की पीड़ा देखकर हर आंख नम है, हर दिल तड़प रहा है, लेकिन प्रकृति के कहर के आगे हर कोई बेबस है। आगे पढ़िए