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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड से एक दुखद खबर सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात उत्तराखँड के वीर सपूत का आकस्मिक निधन हो गया। जी हां कोटद्वार निवासी हवलदार मीरज सिंह गुसांईं आसाम राइफल में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। जानकारी के मुताबिक वो मणिपुर में तैनात थे। वहां ड्यूटी के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया। हवलदार मीराज सिंह गुसाईं के अपने पीछे दो बेटा और पत्नी को छोड़ गए हैं।बीते साल ही उनके बड़े बेटे का विवाह हुआ था। वो मूल रूप से रिखणीखाल ब्लॉक के रहने वाले थे। बीते कुछ सालों से वो अपने परिवार के साथ कोटद्वार में रह रहे थे। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई की गई। सेना के जवानों ने सलामी देने बाद पुष्पांजलि अर्पित कर सैन्य सम्मान के साथ अन्तिम श्रद्धांजलि दी गई। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार स्थित चंडीघाट में किया गया।